भारतीय वैज्ञानिकों ने हाथ, कलाई में होने वाले तंत्रिका विकारों को दूर करने के लिए एआई उपकरण विकसित किया
नई दिल्ली, 23 दिसंबर (आईएएनएस)। भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के शोधकर्ताओं ने एस्टर-सीएमआई अस्पताल के सहयोग से एक एआई उपकरण विकसित किया है, जो अल्ट्रासाउंड वीडियो में मीडियन तंत्रिका की पहचान कर सकता है और कार्पल टनल सिंड्रोम (सीटीएस) का पता लगा सकता है। सीटीएस हाथ और बांह में सुन्नता, झुनझुनी और दर्द का कारण बनता है।