क्या है 'विश्व के नाथ' की प्रतिदिन होने वाली ‘सप्त ऋषि' आरती, 750 वर्षों से चली आ रही परंपरा

IANS | August 3, 2025 3:19 PM

वाराणसी, 3 अगस्त (आईएएनएस)। धर्मनगरी, गंगानगरी कहें या शिवनगरी... देवाधिदेव महादेव को प्रिय सावन के महीने में उनकी नगरी एक अलग ही रंग में रंगी हुई है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में डूबा हुआ है। हर शाम होने वाली ‘सप्त ऋषि आरती’ भक्तों के लिए एक अलौकिक अनुभव है, जिसका इतिहास 750 वर्षों से भी अधिक पुराना है।

भारतीय रंगमंच के ‘भीष्‍म पितामह’: जो मानते थे, यह केवल विधा नहीं, जीने का तरीका है

IANS | August 3, 2025 12:31 PM

नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रंगमंच के ‘भीष्म पितामह’ कहे जाने वाले इब्राहिम अल्काजी की पुण्यतिथि 4 अगस्त को है। 18 अक्टूबर 1925 को पुणे में जन्मे अल्काजी ने भारतीय रंगमंच को न केवल एक नई पहचान दी, बल्कि इसे जीने का एक तरीका बनाया।

सावन का अंतिम सोमवार: दुर्लभ योग में करें महादेव की पूजा, मिलेगा विशेष फल

IANS | August 3, 2025 9:01 AM

नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव को प्रिय सावन महीने का अंतिम सोमवार 4 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन ब्रम्हा, इंद्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है। इन दुर्लभ योगों में महादेव की पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। दृक पंचांग के अनुसार, सूर्योदय सुबह 5 बजकर 44 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 10 मिनट पर होगा।

वेदांत दर्शन को बनाया सर्व सुलभ, चिन्मय मिशन से लाखों लोग सीख रहे जीने का ढंग

IANS | August 3, 2025 12:16 AM

नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। स्वामी चिन्मयानंद भारत के उन महान आध्यात्मिक चिंतकों में से एक थे, जिन्होंने वेदांत दर्शन को न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर जन-जन तक पहुंचाया। उनका मूल नाम बालकृष्ण मेनन था और उनकी जीवन यात्रा एक पत्रकार से संन्यासी और फिर वेदांत के विश्वविख्यात विद्वान तक की रही।

भारतीय कला के युगपुरुष; मिट्टी से मूर्तियों तक जिनकी कला लोकजीवन की संवेदना का प्रतीक बन गई

IANS | August 1, 2025 10:49 PM

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। जब भारतीय कला के इतिहास में आधुनिकता की पहली गूंज सुनाई दी, तो उसमें सबसे बुलंद स्वर, रामकिंकर बैज का था। ग्रामीण भारत की मिट्टी से निकले इस कलाकार ने न केवल भारतीय मूर्तिकला को एक नई पहचान दी, बल्कि उसे जनता के बीच ले जाकर लोकजीवन, श्रम, संघर्ष और संवेदना का प्रतीक बना दिया।

800 साल से भी पुराना ‘दक्षिण का शिवालय’, जहां आकाश रूप में पूजे जाते हैं महादेव, दुनिया के चुंबकीय भूमध्य रेखा के केन्द्र बिंदु पर स्थित है मंदिर

IANS | August 1, 2025 5:27 PM

चिदंबरम, 1 अगस्त (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव को अति प्रिय सावन का महीना चल रहा है। देश-दुनिया में महादेव के ऐसे कई मंदिर हैं, जो खूबसूरती, भक्ति के साथ ही आश्चर्य को भी समेटे हुए हैं। ऐसा ही एक मंदिर तमिलनाडु के चिदंबरम में स्थित है, थिल्लई नटराज मंदिर, जिसे चिदंबरम नटराज मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह न केवल भगवान शिव के भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि यह दुनिया के चुंबकीय भूमध्य रेखा के केन्द्र बिंदु पर स्थित है।

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से स्वतंत्रता दिवस भाषण के लिए मांगे सुझाव

IANS | August 1, 2025 9:55 AM

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। देश भर में 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस ) की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस को लेकर देशवासियों से संवाद साधा है। देश की जनता से पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस भाषण के लिए सुझाव मांगे हैं।

सावन विशेष : यहां अग्नि रूप में दर्शन देते हैं महादेव, ‘पंच भूत स्थलों’ में से एक मंदिर का 217 फुट ऊंचा है ‘राज गोपुरम’

IANS | July 31, 2025 5:09 PM

तिरुवन्नामलाई, 31 जुलाई (आईएएनएस)। महादेव के भक्तों और सावन के महीने के बीच गहरा संबंध है। यह महीना न केवल देवाधिदेव महादेव की भक्ति में डूबने, बल्कि उन सुंदरता से भरे मंदिरों के दर्शन का भी है, जो देश भर के कई स्थानों पर बने हैं। ऐसा ही एक मंदिर तमिलनाडु, तिरुवन्नामलाई पहाड़ी के बीच स्थित है, जिसका नाम अरुणाचलेश्वर मंदिर है।

सावन विशेष : 237 फीट ऊंचाई और 123 फीट की प्रतिमा, तीन ओर समुद्र से घिरा ‘रामायण काल’ का यह मंदिर

IANS | July 29, 2025 5:03 PM

केनरा, 29 जुलाई (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव को प्रिय सावन का महीना जारी है। देशभर के शिवालयों में शिवभक्तों की भीड़ है। इस खास अवसर पर हम आपको बताते हैं एक बेहद पौराणिक मंदिर के बारे में।

शिव नगरी के नागकूप में दर्शन को लगी भक्तों की कतार, श्रद्धालु बोले- ‘नाग देवताभ्याम नम:’

IANS | July 29, 2025 12:24 PM

वाराणसी, 29 जुलाई (आईएएनएस)। नागपंचमी के पावन अवसर पर वाराणसी के ऐतिहासिक नागकूप मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी तादाद दिखी। श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर सुबह से ही भक्त नागकूप के दर्शन- पूजन के लिए पहुंचने लगे। यह मंदिर महर्षि पतंजलि को समर्पित है और इसे नागकूप या कारकोटक वापी के नाम से जाना जाता है।