दक्षिण का काशी: वायु रूप में विराजमान शिवलिंग को पुजारी तक नहीं करते स्पर्श, चंद्र हो या सूर्यग्रहण हमेशा खुला रहता है कपाट
चित्तूर, 24 जुलाई (आईएएनएस)। महादेव और उनके भक्तों को समर्पित सावन का पावन माह चल रहा है। देश भर में भोलेनाथ के ऐसे कई मंदिर हैं, जिनके दर्शन मात्र से भक्तों का कल्याण हो जाता है। रहस्यों और चमत्कार से भरा ऐसा ही एक मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है, जिसका नाम श्रीकालहस्ती मंदिर है। 'दक्षिण के काशी' में भोलेनाथ वायु रूप में विराजमान हैं, जिसका स्पर्श पुजारी तक नहीं करते हैं।