'वायलिन' के जरिए संगीत साधना में लीन संगीतकार, जिसने अपनी जोड़ी टूटने पर फिल्मों में संगीत देने से कर दिया मना

IANS | September 3, 2024 10:04 AM

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। 'मेरे महबूब कयामत होगी', 'चाहूंगा मैं तूझे सांझ सवेरे' , 'दर्द-ए-दिल दर्द-ए-जिगर', 'एक हसीना थी एक दीवाना था' और 'ओम शांति ओम', 'जुम्मा चुम्मा दे दे', 'ये रेशमी जुल्फें', 'एक प्यार का नगमा है', 'अच्छा तो हम चलते हैं', 'माई नेम इज लखन' इन सुपरहिट गानों को सुनकर बरबस ही एक संगीतकार जोड़ी का नाम मन में उभर आता है। इस जोड़ी ने 700 से अधिक फिल्मों के सुपरहिट गानों को अपने संगीत से सजाया और आज भी इनके गाने लोगों की जुबां पर हैं।

जन्मदिन विशेष : हर किरदार में सद्गुरु दमदार, खाना पकाने के शौकीन, सांप पकड़ने में भी माहिर

IANS | September 3, 2024 8:29 AM

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। आदियोगी कौन हैं? आत्मा का क्या रहस्य है? परमात्मा कहां हैं? हिंदू धर्म की मान्यताओं का व्यक्ति पर क्या असर होता है?, ऐसे कई सवाल आपके मन में भी आते होंगे। इन सवालों का जवाब देते दिखते हैं सद्गुरु। उनके सानिध्य में आयोजित होने वाला 'महाशिवरात्रि उत्सव' दुनियाभर में लोकप्रिय है। हर साल महाशिवरात्रि पर होने वाले इस विशेष कार्यक्रम की साक्षी एक बड़ी आबादी होती है।

'महाश्वेता' और 'एम सी मेहता' एक युग प्रवर्तक तो दूसरा पर्यावरण संरक्षक कैसे इन दो महान विभूतियों को देश करेगा याद

IANS | September 1, 2024 9:21 AM

नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। साल था 1997 का और भारत अपनी आजादी के 50 साल पूरे कर रहा था। इस सब के बीच भारत के दो युग प्रवर्तकों को इस साल दुनिया में खूब सुना गया। ये थे महाश्वेता देवी और एम सी मेहता। महाश्वेता देवी साहित्यकार, उपन्यासकार, निबन्धकार के साथ ही समाज में अपनी रचनाओं के जरिए एक अलग विश्वास पैदा कर चुकी थीं तो दूसरी तरफ दुनिया में पर्यावरण बचाने को लेकर उठते शोर के बीच एक और मसीहा था जो इसके संरक्षक के तौर पर उभरकर सामने आया था नाम था एम सी मेहता। दोनों को 1 सितंबर के दिन ही रेमन मैग्सेसे पुरस्कार दिया गया।

शिवाजी सावंत: जिनके पहले ही उपन्यास ‘मृत्युंजय’ ने रचा कीर्तिमान, अंगराज कर्ण की कहानी बयां कर हो गए अमर

IANS | August 31, 2024 2:13 PM

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। महाभारत का कर्ण कुछ अलग ही था। सूर्य कवच और कुंडल वाला महा दानवीर जिसने जीवन में बहुत कुछ सहा। जो कुंती के परित्यक्त पुत्र ने सहा उसकी गाथा को शिवाजी सांवत ने एक उपन्यास का आकार दे दिया। मराठी कृति का कई भाषाओं में अनुवाद हुआ और आज भी साहित्य जगत में 'मृत्युजंय' का खास दखल है।

जयंती विशेष: भगवतीचरण वर्मा जिन्होंने पाप-पुण्य को आधार बना रच डाली ‘चित्रलेखा’

IANS | August 30, 2024 9:07 AM

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। ‘पाप क्या, पुण्य क्या? ’ इस भेद को जानने की कोशिश करते शिष्य विशालदेव-श्वेतांक और उनके सवालों का उत्तर देते महाप्रभु रत्नाम्बर... उपन्यास पहली पंक्ति ही पाठक को मोहपाश में बांध देती है। फिर कई पात्र आते हैं जो अंत तक पाप-पुण्य की खोज करते रहते हैं और इसी तलाश का सार है 'चित्रलेखा'। कालजयी कृति जिसकी रचना की हिंदी जगत के नामी साहित्यकार भगवतीचरण वर्मा ने।

कोलकाता का 'विवादित जन्मदिन' आज, जानें सच्चाई है क्या

IANS | August 24, 2024 11:39 AM

नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएनएएस)। कोलकाता (कलकत्ता) आज अपना जन्मदिन मना रहा है या नहीं! यह सवाल सालों से देश की सांस्कृतिक राजधानी के नाम से विख्यात शहर को लेकर पूछा जाता रहा है। आखिर माछेर झोल खाने वाला शहर, ऐतिहासिक इमारतों के लिए मशहूर सिटी ऑफ जॉय का जन्मदिन विवादित है तो है क्यों?

'हिंदुस्तानी संगीत का राजा' जिसने शास्त्रीय गायन के रंग को और निखारा

IANS | August 24, 2024 8:22 AM

नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। भारत का संगीत, यहां की संस्कृति और सभ्यता इतनी समृद्ध है कि इसका मुकाबला दुनिया के किसी देश के संगीत, संस्कृति और सभ्यता में करने की क्षमता नहीं है। हमारे वेदों से निकला देश का संगीत सात समंदर पार भी लोगों के दिलों में बसता है। 24 अगस्त, 1917 को किराना घराने में एक ऐसा बच्चा पैदा हुआ जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह एक दिन 'हिंदुस्तानी संगीत का राजा' कहलाएगा।

हरिशंकर परसाई : गाय का 'धर्म' और राजनीति का 'मर्म' समझाने वाले व्यंग्यकार

IANS | August 22, 2024 9:44 AM

नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। स्टैंडअप कॉमेडी का जादू आज के युवाओं के सिर चढ़कर बोलता है। हरिशंकर परसाई होते तो इस स्टैंडअप कॉमेडी में हंसी-मजाक और क्राउड वर्क के नाम पर जारी अश्लीलता पर जरूर सवालिया निशान लगाते।

मद्रास दिवस : एक शहर जो बदलता रहा, लेकिन अपनी जड़ें कभी नहीं भूला

IANS | August 22, 2024 8:29 AM

नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। एक ऐसा शहर जहां मरीना बीच के शांत तटों से लेकर हलचल भरे मरीना मॉल हैं। कपालेश्वर मंदिर और पार्थसारथी मंदिर जैसे प्राचीन मंदिरों की आध्यात्मिक शांति है। भरतनाट्यम और कर्नाटक संगीत जैसे जीवंत सांस्कृतिक अनुभव, चेट्टिनाड के तीखे स्वाद से लेकर दक्षिण भारतीय शाकाहारी भोजन तक, हलचल भरे बाजार, शांत पार्क और मिलनसार लोग, एक अनूठा और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने वाला चेन्नई 22 अगस्त को अपना जन्मदिन मना रहा है।

'मेरी गंगा कहां से लाओगे', जब उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को मिला था अमेरिका में बसने का प्रस्ताव

IANS | August 21, 2024 12:20 PM

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। मौका था भारत की आजादी का और जगह थी दिल्ली का ऐतिहासिक लाल किला। 15 अगस्त 1947 को भारत को ब्रिटिश शासन से 200 साल की गुलामी के बाद आजादी मिली थी। इस ऐतिहासिक मौके पर एक ऐसी शख्सियत को भी बुलाया गया था जिन्होंने लाल किले पर शहनाई बजाकर भारत की आजादी को और भी यादगार बना दिया।