जहां ज्योतिर्लिंग स्वरूप में एक साथ विराजते हैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश, यहां महादेव की कृपा से निकली 'दक्षिण गंगा'
नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। महादेव का सातवां ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर, नाम से ही स्पष्ट हो जाता है कि यहां एक साथ ज्योतिर्लिंग स्वरूप में ब्रह्मा, विष्णु और महेश विराजते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का क्षेत्र वह विशेष क्षेत्र है जहां कालसर्प दोष निवारण के लिए विशेष पूजा होती है।