बर्थडे स्पेशल : वाणी और गौहर बढ़ती उम्र में भी ढाती हैं कहर, मिस कपूर ने हीरो को 23 बार 'किस' कर बटोरी सुर्खियां

IANS | August 23, 2024 11:35 AM

नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। 'इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ खुदा लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं...' मिर्जा गालिब की ये शायरी बड़ी मशहूर है। ये जज्बात बॉलीवुड एक्ट्रेसेस की तारीफ से मेल खाते हैं, जो अपने फैंस के दिलों की 'मलिका' हैं।

अपनी खूबसूरती और मेहनत के दम पर सायरा ने हासिल किया मुकाम, दिलीप साहब ने निकनेम दिया था 'नींद की गोली'

IANS | August 23, 2024 9:23 AM

नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। बॉलीवुड के ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार का दिल बॉलीवुड की उस हसीना पर आया, जो उम्र में उनसे 22 साल छोटी थी, यह हसीना कोई और नहीं, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अदाकारा सायरा बानो हैं। 23, अगस्त 1944 को पैदा हुई सायरा आज 80 साल की हो चुकीं हैं।

बर्थडे स्पेशल: 'हम रहे या ना रहें कल, कल याद आएंगे ये पल...' आवाज के जादूगर केके का 'गोल्डन एरा'

IANS | August 23, 2024 9:08 AM

नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। “जरा सी दिल में दे जगह तू, जरा सा अपना ले बना” ट्रैक जब सुना गया तो गजब का असर हुआ। लोग जानते थे कि फिल्म में किसिंग किंग इमरान हाशमी हैं और उनके अपोजिट हैं खूबसूरत सोनल चौहान। पर्दे तक खींचने का काम किया उस आवाज ने जिसका अंदाज कुछ अलग था। इस रोमांटिक सॉन्ग को हॉट बनाया कृष्णकुमार कुन्नाथ (केके) ने। जिन्होंने यारों जी भर के जी लो पल, 'सच कह रहा है दीवाना', है जूनून और बजरंगी भाईजान का ब्लॉकबस्टर सॉन्ग 'तू ही बता' जैसे कई फेमस गाने गए हैं। इस आवाज का जादू न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में फैला था। 90 और 2000 के दशक के लोगों की प्ले लिस्ट में केके टॉप पर रहते थे।

दोस्ती में 'नो सॉरी, नो थैंक्यू' पीयूष मिश्रा के मुंह से यह संवाद सुनकर आपको कैसा लगता?

IANS | August 23, 2024 8:42 AM

नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। दोस्ती में 'नो सॉरी, नो थैंक्यू' आज से 35 साल पहले हिंदी सिनेमा के पर्दे पर रिलीज हुई फिल्म 'मैंने प्यार किया' के इस संवाद ने लोगों के दिल में ऐसा घर किया कि आज भी आप इसे वक्त-बेवक्त सुन सकते हैं। संवाद प्यार की परिभाषा की तरह फिल्म के पर्दे पर रची-बुनी गई थी। फिल्म में सलमान खान और भाग्यश्री के बीच का यह संवाद तब भी युवा दिलों में बसा था और आज भी वह वैसे ही अपनी जगह बनाए हुए है।

खय्याम : एक म्यूजिशियन, जिनके संगीत में था एक मैजिशियन का हुनर

IANS | August 19, 2024 9:00 AM

नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। फिल्म 'उमराव जान' के गाने 'दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए' का अपना ही क्रेज़ है। नजाकत से भरी रेखा की अदाएं, शहरयार के रूमानी बोल और आशा भोसले की खनकती आवाज़ के आज भी करोड़ों फैंस हैं। इस गाने को इसका म्यूजिक कंप्लीट करता है, जिसके पीछे हैं... खय्याम। इस गीत का एक हिस्सा है, 'इस अंजुमन में आपको आना है बार-बार, दीवारों-दर को गौर से पहचान लीजिए'... शायद, खय्याम भी दूसरी दुनिया से यही कह रहे हैं। हम बात कर रहे हैं मोहम्मद ज़हूर हाशमी की, जिनका तखल्लुस 'खय्याम' आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसता है।

52 के हुए रणवीर शौरी, बॉलीवुड का ये अंटररेटेड स्टार जो मजदूरी करने को भी तैयार

IANS | August 18, 2024 8:43 AM

मुंबई, 18 अगस्त (आईएएनएस)। बॉलीवुड एक्टर रणवीर शौरी आज अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। रणवीर शौरी ने बड़े संघर्षों और मेहनत से फिल्म उद्योग में अपनी जगह बनाई है। लेकिन ये भी मायानगरी की माया ही है कि आज 22 साल बाद वो मजदूरी करने को भी तैयार हैं।

मुसाफ़िर हूं यारों : शब्दों के जादूगर गुलज़ार, एक मैकेनिक जो बन गया महान गीतकार

IANS | August 17, 2024 1:56 PM

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। 'दांत से रेशमी डोर कटती नहीं, दिल तो बच्चा है जी'... 90 साल की उम्र में भी ऐसी लाइन लिखने वाले गुलज़ार ही हो सकते हैं। जिनके हर गाने में रूमानी अहसास होता है। गुलज़ार को शब्दों का जादूगर भी कहा जाता है, जिनके लिखे गाने होठों के रास्ते न जाने कब दिल की गहराइयों में उतर जाते हैं, पता ही नहीं चल सकता।

पंडित जसराज : शास्त्रीय संगीत की एक ऐसी खनकती आवाज, जिसने अंटार्कटिका के दक्षिणी ध्रुव को भी जीवंत कर दिया था

IANS | August 17, 2024 11:08 AM

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। माता सरस्वती ने जिनके गले को वीणा के सुरों से भी ज्यादा मिठास दी। जिनकी चार पीढ़ियां संगीत से जुड़ी रही। जिनको संगीत विरासत में मिला। जिन्होंने चार साल की उम्र में ही अपने पिता को खो दिया लेकिन संगीत साधना का रास्ता नहीं छोड़ा। ऐसे थे पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित पंडित जसराज।

निशिकांत कामत: एक ऐसा 'मदारी' जो अपने इशारों पर सिनेमा को नचाता था

IANS | August 17, 2024 8:20 AM

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। 50 साल की उम्र में अपने चाहने वालों को अलविदा कहकर चला जाना, ये भी कोई जाना है। वो भी उसका जिसने दुनिया को 'मदारी' बनकर उसका 'दृश्यम' दिखाया! फिल्मों में जिसने अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी, निर्देशन के जरिए भी बड़े पर्दे पर वह किया जिससे टक्कर लेना शायद किसी के बूते की बात नहीं थी। लेकिन हाय रे, लिवर सिरोसिस जो उनकी जान ही लेकर गया। निशिकांत कामत यह नाम तो आपने सुना ही होगा। बॉलीवुड के एक ऐसे अभिनेता जिन्होंने फिल्म में खूंखार दिखने के लिए अपने सिर के बाल तक मुंडवा लिए थे।

नुसरत फ़तेह अली ख़ान : एक सूफी संत ने दी पिता को सलाह तो दुनिया को मिले 'जगत उस्ताद'

IANS | August 16, 2024 8:53 AM

नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। 'ये जो हल्का-हल्का सुरूर है'... जब 'जगत उस्ताद' नुसरत फ़तेह अली ख़ान ने इस कव्वाली को अपनी आवाज़ दी तो सुनने वाले रूहानी अहसास से सराबोर हो गए। आज भी नुसरत फ़तेह अली ख़ान की आवाज़ में इस कव्वाली को सुनने वाले कम नहीं हैं।