अनामिका: हिंदी कविता का सशक्त स्वर, जो मानवीय सरोकार और स्त्री-अस्मिता को देती हैं नई उड़ान
नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदी कविता और साहित्य के संसार में कवयित्री अनामिका का नाम एक सशक्त और संवेदनशील स्वर के रूप में लिया जाता है। 17 अगस्त 1961 को बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मी अनामिका ने अपने जीवन और लेखन से न केवल कविता को एक नई दिशा दी, बल्कि स्त्री-विमर्श, सामाजिक चेतना और मानवीय रिश्तों की जटिलताओं को भी अपनी रचनाओं के केंद्र में रखा। आज उनके जन्मदिन पर हिंदी जगत उन्हें स्मरण कर गौरव अनुभव करता है।