सारागढ़ी की गाथा: जब 21 सिखों ने रचा अमर शौर्य का इतिहास
नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। इतिहास के पन्नों में कई युद्ध दर्ज हैं, लेकिन इनमें कुछ युद्ध ही ऐसे हैं जिन्हें पूरी दुनिया सम्मान देती है। 12 सितंबर – यह तारीख सिर्फ एक युद्ध की बरसी नहीं है, बल्कि शौर्य, कर्तव्य और बलिदान का वह प्रतीक है जिसे पूरी दुनिया सलाम करती है। 1897 में लड़ा गया सारागढ़ी का युद्ध उन्हीं में से एक है। भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट हर साल इस दिन को रेजीमेंटल बैटल ऑनर्स डे के रूप में मनाती है, वहीं ब्रिटिश आर्मी भी इसे 21 सैनिकों के आत्मबलिदान की अद्वितीय मिसाल मानकर श्रद्धांजलि देती है।