नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले मुजफ्फरनगर जिले की छह विधानसभा सीटों पर आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुजफ्फरनगर सदर, बुढ़ाना, चरथावल, पुरकाजी, खतौली और मीरापुर विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न दलों के नेता सक्रिय हो गए हैं और मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुट गए हैं।
'शुगर बाउल ऑफ इंडिया' क्षेत्र में आने वाले मुजफ्फरनगर जिले की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि और गन्ना, कागज और इस्पात उद्योगों पर आधारित है। जिले में चीनी और गुड़ उत्पादन महत्वपूर्ण उद्योग हैं। आसपास कृषि गतिविधियों के परिणामस्वरूप, शहर गुड़ व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
मुज़फ्फरनगर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक शहर है जिसमें प्रमुख उद्योग चीनी, इस्पात और कागज हैं। जिला मुज़फ्फरनगर में 8 चीनी मिल हैं। क्षेत्र की 40 फीसदी से अधिक आबादी कृषि में लगी हुई है। मुज़फ्फरनगर उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा अनाज उत्पादक जनपद है। 55.79 प्रतिशत हिंदू, 41.39 प्रतिशत मुस्लिम, 2 प्रतिशत जैन धर्म और 2 प्रतिशत की अन्य आबादी वाले इस जिले में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) का प्रभाव रहा है।
2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन और भाजपा ने यहां बराबर सीटें जीतीं थीं। हालांकि, बाद में खतौली विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने यह सीट गवां दी थी। यहां वर्तमान में रालोद 3, भाजपा 2 और सपा के एक विधायक हैं। चुनाव के समय सपा के साथ चुनाव लड़ने वाली रालोद अब भाजपा के साथ गठबंधन में है।
मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा सीट पर 2022 के चुनाव में भाजपा का कमल खिला था। कपिल देव अग्रवाल 18,694 हजार वोटों से रालोद उम्मीदवार सौरभ स्वरूप बंसल को हराकर विधानसभा पहुंचे थे। कपिल देव अग्रवाल को 111,794, सौरभ स्वरूप बंसल को 93,100, बसपा उम्मीदवार पुष्पंकर दीपक को 10,733 और एआईएमआईएम इंतजार अंसारी 3,750 को वोट मिले थे। इस सीट पर 62.89 फीसदी मतदान हुआ था।
मुस्लिम-बहुल बुढ़ाना विधानसभा सीट से वर्तमान में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राजपाल सिंह बलियान विधायक हैं। 2022 के चुनाव में सपा गठबंधन के साथ चुनाव लड़ते हुए राजपाल सिंह ने भाजपा उम्मीदवार को 28,310 वोटों से हराया था। राजपाल सिंह को 131,093, उमेश मलिक को 102,783, बसपा उम्मीदवार अनीस अल्वी को 10,397, एआईएमआईएम के भीम सिंह बलियान को 2,633 और कांग्रेस उम्मीदवार देवेंद्र कश्यप को 2,452 वोट मिले थे। इस विधानसभा क्षेत्र में 67.68 फीसदी मतदान हुआ था।
चरथावल विधानसभा सीट से वर्तमान में सपा विधायक पंकज कुमार मलिक ने भाजपा उम्मीदवार सपना कश्यप को 5,334 वोटों से हराया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में पंकज कुमार मलिक को 97,363, सपना कश्यप को 92,029, बसपा उम्मीदवार सलमान सईद को 25,131 और एआईएमआईएम उम्मीदवार ताहिर हुसैन अंसारी को 3,234 वोट मिले थे। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 222,190 (67.09 फीसदी) लोगों ने मतदान किया था।
पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र में अब तक तीन बार विधानसभा चुनाव हुए हैं। 2012 में बसपा, 2017 में भाजपा और 2022 में समाजवादी पार्टी-राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन ने यहां से जीत दर्ज की। 2022 विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल के उम्मीदवार अनिल कुमार 92,672 वोट पाकर विधायक बने थे, जबकि भाजपा उम्मीदवार प्रमोद उत्वाल 86,140 वोट पाकर दूसरे स्थान पर थे। बसपा उम्मीदवार सुरेंद्र पाल सिंह को 27,778 और एएसपी (केआर) उम्मीदवार उमा किरण को 2,321 वोट मिले थे। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 215,085 लोगों (65.35 फीसदी) ने मतदान किया था।
खतौली विधानसभा सीट पर 2022 के चुनाव में भाजपा को जीत मिली थी। भाजपा उम्मीदवार विक्रम सिंह को 100,651 वोट, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) उम्मीदवार राजपाल सिंह को 84,306 और बसपा उम्मीदवार करतार सिंह को 31,412 वोट मिले थे। इस विधानसभा क्षेत्र में 221,969 (69.79 फीसदी) मतदाताओं ने मतदान किया था।
हालांकि अब इसी सीट पर रालोद से मदन भैया विधायक हैं, क्योंकि मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े एक मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद विक्रम सिंह सैनी की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। इसके बाद हुए उपचुनाव में रालोद के मदन भैया को 97,139 वोट मिले थे और भाजपा उम्मीदवार राज कुमार सैनी को 74,996 वोट मिले थे।
2008 में अस्तित्व में आई मीरापुर विधानसभा सीट पर लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) का कब्जा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में रालोद प्रत्याशी चंदन चौहान ने 27,380 वोटों से भाजपा के प्रशांत चौधरी को हराया था। चंदन चौहान को 107,421, प्रशांत चौधरी को 80,041 और बसपा उम्मीदवार सलीम कुरैशी को 23,797 वोट मिले थे। इस सीट पर 68.88 फीसदी मतदान हुआ था।
--आईएएनएस
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