देवरिया, 6 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा की तस्वीर तेजी से बदली है। एक समय जहां सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहीं आज देवरिया के सहवा स्थित पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय राज्य के मॉडल स्कूलों में शुमार हो गया है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और शारीरिक विकास पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
बेहतर शिक्षा को उज्ज्वल भविष्य की नींव मानते हुए योगी सरकार ने बीते वर्षों में सरकारी स्कूलों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह बदला है। कक्षाओं को स्मार्ट बनाया गया है, डिजिटल संसाधन दिए गए हैं और विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक शिक्षा सुविधाओं का विकास किया गया है। सहवा का पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय इसका जीवंत उदाहरण है।
इस स्कूल की छात्राएं भी यहां की सुविधाओं से बेहद खुश हैं। छात्रा अनामिका सिंह कहती हैं, "पहले हमारे स्कूल में इतनी सुविधाएं नहीं थीं। अब स्मार्ट क्लास और लैब में पढ़ाई होती है, तो समझने में आसानी होती है। शिक्षक भी नए तरीके से पढ़ाते हैं।"
वहीं, छात्रा जौली सिंह बताती हैं, "यहां खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विज्ञान की प्रैक्टिकल क्लास सब होती है। हमें लगता है हम किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हैं।"
सहवा का यह पीएमश्री विद्यालय आज आसपास के 22 गांवों के बच्चों के लिए भरोसे का केंद्र बन चुका है। हर अभिभावक चाहता है कि उसका बच्चा इसी स्कूल में पढ़े। अभिभावक रानू सिंह का कहना है, "पहले हम प्राइवेट स्कूल में भेजने के बारे में सोचते थे, लेकिन अब सरकारी स्कूल में ही हर सुविधा मिल रही है। शिक्षक मेहनत करते हैं और बच्चे भी आगे बढ़ रहे हैं।"
दूसरे अभिभावक उमापति सिंह ने कहा, "स्कूल का माहौल बदल गया है। साफ-सफाई, पढ़ाई और अनुशासन सब बेहतर है। हमें गर्व है कि हमारे गांव का स्कूल जिले में मिसाल बना है।"
पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है। यहां साइंस लैब, आईसीटी लैब, एस्ट्रोनॉमी लैब और लर्निंग बाय डूइंग लैब के जरिए बच्चों को प्रयोग करके सीखने का मौका मिलता है। प्रधानाध्यापक मुहम्मद गजनफर बताते हैं, "हमारा उद्देश्य है कि बच्चे रटें नहीं, समझें। एस्ट्रोनॉमी लैब में बच्चे तारों और ग्रहों के बारे में सीखते हैं, आईसीटी लैब में कंप्यूटर और डिजिटल टूल चलाना सीखते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।"
इस स्कूल की उपलब्धियां भी इसे अलग पहचान दे रही हैं। अब तक यहां के 16 विद्यार्थियों का नेशनल लेवल के इंस्पायर अवॉर्ड के लिए चयन हो चुका है। साथ ही एनएमएमएस परीक्षा में स्कूल के 64 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप मिली है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य कहते हैं, "देवरिया में कई पीएमश्री स्कूल हैं जो अपनी अत्याधुनिक शिक्षा सुविधाओं की वजह से पूरे जिले में आदर्श विद्यालय बन चुके हैं। सहवा का स्कूल उनमें सबसे आगे है। यहां के परिणाम और बच्चों की उपलब्धियां दूसरे स्कूलों के लिए प्रेरणा हैं।"
एक समय था जब उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा बदहाल थी, लेकिन सीएम योगी के विजन से आज सरकारी स्कूल बच्चों और अभिभावकों की पहली पसंद बन गए हैं। इन स्कूलों में न सिर्फ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है, बल्कि मिड-डे मील में नियमित पौष्टिक आहार देकर बच्चों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है।
--आईएएनएस
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