नई दिल्ली, 6 फरवरी (आईएएनएस)। सऊदी अरब में वर्ल्ड डिफेन्स शो आयोजित होने जा रहा है। यह ‘वर्ल्ड डिफेन्स शो’ दुनिया की बड़ी रक्षा प्रदर्शनियों में से एक है। इसमें इस बार 700 से ज्यादा रक्षा कंपनियां और करीब 400 सरकारी और आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेंगे। भारत भी इस वर्ल्ड डिफेन्स शो का हिस्सा बनेगा।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सऊदी अरब में आयोजित होने वाले वर्ल्ड डिफेन्स शो 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह इस कार्यक्रम में एक उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। रक्षा राज्य मंत्री 8 और 9 फरवरी को इस आयोजन में मौजूद रहेंगे। ऐसे बड़े मंच पर भारत की मौजूदगी यह दिखाती है कि देश रक्षा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब खुद हथियार और रक्षा उपकरण बनाने में सक्षम हो रहा है। यहां पहुंचने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा उत्पादन विभाग और भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
यह दौरा भारत की रक्षा क्षमताओं को दुनिया के सामने रखने और दूसरे देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। इस प्रदर्शनी में भारत पहली बार इंडिया पवेलियन लगाएगा, जिसका उद्घाटन खुद रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ करेंगे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यहां भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और निर्माण क्षमता को दिखाया जाएगा। पवेलियन में भारत की प्रमुख सरकारी रक्षा कंपनियां अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगी। इनमें टैंक, तोप और उनकी प्रणालियां, मिसाइलें, गोला-बारूद, रडार और दूसरी आधुनिक रक्षा प्रणालियां शामिल होंगी।
इससे साफ संदेश जाएगा कि भारत अब सिर्फ आयात करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि खुद आधुनिक हथियार बनाने वाला देश बन रहा है। यह पवेलियन करीब 400 वर्ग मीटर में फैला होगा। वर्ल्ड डिफेन्स शो के दौरान रक्षा राज्य मंत्री की सऊदी अरब के अपने समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक भी तय है। इस बैठक में भारत और सऊदी अरब के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों देश रक्षा उपकरणों के संयुक्त निर्माण, तकनीक साझा करने और निवेश के नए अवसरों पर बात कर सकते हैं।
इसके अलावा संजय सेठ सऊदी अरब की बड़ी रक्षा और औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों का मकसद दोनों देशों के उद्योगों के बीच सीधा संपर्क बढ़ाना और भविष्य में साझेदारी के रास्ते खोलना है। दरअसल वर्ल्ड डिफेन्स शो सऊदी अरब द्वारा आयोजित होने वाली द्विवार्षिक अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी है। यह भारतीय रक्षा उद्योग के लिए एक अहम मंच है, जहां भारत अपनी आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल के तहत बनी रक्षा तकनीकों को दुनिया के सामने पेश करेगा। साथ ही यह मंच भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में एक मजबूत, भरोसेमंद और उभरते हुए भागीदार के रूप में स्थापित करने में मदद करता है।
--आईएएनएस
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