यूसीसी बनेगा मुस्लिम बहनों की ढाल, 'हलाला' जैसी घिनौनी हरकतों पर चलेगा चाबुक: मंत्री खजान दास

यूसीसी बनेगा मुस्लिम बहनों की ढाल, 'हलाला' जैसी घिनौनी हरकतों पर चलेगा चाबुक: मंत्री खजान दास

नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद राज्य में 'हलाला' का पहला मामला सामने आया है। हरिद्वार के बंदरजुड़ की रहने वाली एक महिला ने हलाला के आरोप लगाए हैं, जिसके बाद मामला तूल पकड़ लिया। वहीं, राज्य के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है।

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि जिस तरह से एक मुस्लिम बहन ने आप बीती के तहत एफआईआर दर्ज कराई और उसकी चार्जशीट भी आ गई है, जिस तरह से उन्होंने बिना किसी झिझक और डर के यह कदम उठाया है, यह सराहनीय है। सरकार हर तरह से उनके साथ है।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने 2022 के चुनाव में जब यूसीसी की घोषणा की थी, तब हमें लगता था कि पता नहीं यह होगा या नहीं, लेकिन अब यह लागू हो चुका है। इसका पहला केस हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र से आया है, जिस मुस्लिम बहन ने मुकदमा दर्ज कराया, वह धन्यवाद की पात्र हैं कि ऐसी कुप्रथा के खिलाफ उन्होंने आवाज बुलंद की है। आज सरकार पूरी तरह से उनके साथ है, उनकी हर तरह से सुरक्षा की जाएगी। मैंने हरिद्वार एसएसपी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी उनकी सुरक्षा को लेकर बात की है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को भी वहां जाने और हर तरह की मदद करने को कहा गया है। एक मंत्री होने के नाते मैं भी वहां जाऊंगा और हर तरह की मदद उपलब्ध कराऊंगा।

उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड में नहीं, बल्कि पूरे देश में एक संदेश जाता है कि हमारी मुस्लिम बहनों को अपने हक और हकूक के लिए आगे आने होगा और अपनी बात को निडरता से रखना होगा। सरकार पूरी तरह उनके साथ है। हालांकि संविधान में यह व्यवस्था नहीं थी, क्योंकि किसी राज्य ने इसको लागू नहीं किया। इस तरह से उत्तराखंड यह कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रेरणा से हमारे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कानून को लागू किया और आज मुस्लिम बहनें निडर होकर आगे आ रही हैं और अपनी बात रख रही हैं।

उत्तराखंड के मंत्री ने कहा कि इससे एक संदेश जाने का भी काम हुआ है, जिस तरह से पहले मुस्लिम महिलाएं डरती थीं, समाज के प्रति और अपने जाति-धर्म को लेकर भी भयभीत थीं। आज भय समाप्त होने जा रहा है। आज जिस तरह से बुग्गावाल क्षेत्र से पहली महिला सामने आई है, उसने अपनी बात को हिम्मत से रखा है।

उन्होंने कहा कि दहेज उत्पीड़न हो, तीन तलाक हो या हलाला को लेकर घिनौनी हरकत हो... इससे पीड़ित महिलाओं को आने वाले समय में न्याय मिलेगा। अपनी बात को बेबाकी से रखने वाली महिला को हम सलाम करते हैं। यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड राज्य बन गया है। दूसरे राज्यों पर भी इसका असर पड़ा है। वे भी अपने यहां यह कानून लागू करने जा रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद के अंदर इसके लिए मुख्यमंत्री धामी की प्रशंसा की। अब यह कानून उत्तराखंड से लागू हुआ और पूरे देश में लागू होगा।

उन्होंने कहा कि मैंने मुस्लिम बहन से कहा कि उनको किसी से भी डरने की जरूरत नहीं है। इस बारे में पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से भी मेरी बात हुई है। उनको सुरक्षा देने का काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी से भी हमारी बात हुई है। हम आर्थिक मदद से लेकर हर तरह की मदद करेंगे।

--आईएएनएस

एमएस/डीकेपी