पीएम मोदी ने नीदरलैंड्स में भारतीय संस्कृति को सराहा, बोले- दुनिया में बढ़ रही परंपराओं की पहचान

पीएम मोदी ने नीदरलैंड्स में भारतीय संस्कृति को सराहा, बोले- दुनिया में बढ़ रही परंपराओं की पहचान

एम्स्टर्डम, 16 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और परंपराओं की शानदार प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक विरासत लगातार नई पहचान बना रही है।

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर महाराष्ट्र की पारंपरिक प्रस्तुतियों की झलक साझा करते हुए लिखा, “नीदरलैंड्स में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में महाराष्ट्र की गौरवशाली संस्कृति जीवंत हो उठी। यह महाराष्ट्र की परंपराओं का यादगार उत्सव था, जो दुनिया भर में लोकप्रिय हो रही हैं।”

उन्होंने असम की सांस्कृतिक प्रस्तुति की भी प्रशंसा की। पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “असम की संस्कृति की झलक ने नीदरलैंड्स के सामुदायिक कार्यक्रम में विशेष ऊर्जा भर दी। यह वैश्विक मंच पर असम की सांस्कृतिक भावना का शानदार उदाहरण है।”

प्रधानमंत्री ने द हेग में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे भारतीय समुदाय के लोगों के उत्साह की भी सराहना की। उन्होंने लिखा, “द हेग में भारतीय समुदाय के अपार स्नेह और उत्साह से मैं बेहद भावुक हूं। उनकी ऊर्जा और भारत से जुड़ाव बेहद खास है।”

पीएम मोदी ने भारतीय प्रवासी समुदाय को डच समाज में उनके योगदान और भारत-नीदरलैंड्स मित्रता के “जीवंत सेतु” के रूप में उनकी भूमिका के लिए सराहा। उन्होंने सूरीनामी-हिंदुस्तानी समुदाय के भारत से ऐतिहासिक और गहरे संबंधों का भी उल्लेख किया और पीढ़ियों से अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने के उनके प्रयासों की प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार देर रात अपने बहु-देशीय यूरोप दौरे के तहत नीदरलैंड्स पहुंचे थे। इस यात्रा का उद्देश्य यूरोप में भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है।

द हेग में प्रधानमंत्री मोदी की डच नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है। इसमें व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, जल प्रबंधन, कृषि, रक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।

इसके अलावा जलवायु कार्रवाई, ग्रीन हाइड्रोजन, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल नवाचार और समुद्री सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

अधिकारियों के मुताबिक, नीदरलैंड्स यूरोप में भारत का एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंध काफी मजबूत हैं। वहीं, रॉटरडैम बंदरगाह भारतीय निर्यात के लिए यूरोप का प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है।

--आईएएनएस

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