नई दिल्ली, 6 फरवरी (आईएएनएस)। पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक स्तर पर निभाई सकारात्मक भूमिका की सराहना की। आईएएनएस से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने रूस को यूक्रेन पर परमाणु हमले से रोका था।
भारत के साथ पोलैंड के सौहार्दपूर्ण रिश्तों की चर्चा करते हुए बार्टोशेव्स्की ने कहा, "हमारे भारत के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं और हम दुनिया में भारत की भूमिका को स्वीकार करते हैं।"
फिर उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग में भारतीय प्रधानमंत्री की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, "जैसा कि मैंने नई दिल्ली में अपने एक इंटरव्यू में बताया था, प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 के आखिर में राष्ट्रपति पुतिन से बात की थी और उन्हें यूक्रेन में टैक्टिकल न्यूक्लियर डिवाइस का इस्तेमाल करने की कोशिश करने से रोका था। यह एक सकारात्मक भूमिका थी जो प्रधानमंत्री मोदी ने निभाई और जो भारत दुनिया के मामलों में निभाता है, और मुझे उम्मीद है कि यह जारी रहेगा।"
पीएम मोदी के पोलैंड दौरे को याद करते हुए बार्टोशेव्स्की ने कहा, "हमने 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। तब वो भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर पोलैंड आए थे; 45 साल में हमारे देश आने वाले वो भारत के पहले पीएम थे। यह एक बहुत अच्छी यात्रा थी, और अब हमने ईयू के साथ विदेश व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए हैं, हम भी इसका हिस्सा हैं। मैं अभी विदेश मंत्रालय से लौटा हूं, जहां हमने सैन्य सहयोग, डिजिटल उद्योग सहयोग, सुरक्षा मुद्दे, हाई-टेक में आईटी निवेश, अंतरिक्ष में सहयोग और अन्य चीजों से जुड़े कई व्यावहारिक कदमों पर चर्चा की।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत ने दूसरे देशों की तुलना में अमेरिका के साथ ज्यादा फायदेमंद ट्रेड डील की है, तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि भारत एक बहुत बड़ी आर्थिक शक्ति है। आप अब दुनिया में जीडीपी के मामले में चौथे नंबर पर हैं, और प्रधानमंत्री मोदी ने यह साफ कर दिया है कि आपका लक्ष्य बहुत जल्द दुनिया की तीसरी बड़ी शक्ति बनना है। भारत एक बहुत बड़ा बाजार है; लगभग डेढ़ अरब लोग यहां रहते हैं, और इस वजह से भी यह एक बहुत ही उन्नत बाजार है। इतनी क्षमता वाले देश को नजरअंदाज करना समझदारी नहीं है।"
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पोलैंड के डिप्टी विदेश मंत्री बोले, "ट्रेड डील न होने के बजाय ट्रेड डील होना बेहतर है, क्योंकि आम तौर पर टैरिफ खुशहाली की गारंटी नहीं हैं। अगर आप किसी चीज पर टैरिफ लगाते हैं, तो ये टैरिफ आमतौर पर, आखिर में, कंज्यूमर ही चुकाता है इसलिए मुझे लगता है कि टैरिफ जितने कम होंगे, उतना ही अच्छा होगा। यह अच्छी बात है कि भारत और अमेरिका एक ऐसे समझौते पर पहुंचे जिससे टैरिफ में भारी कटौती की गई।"
विदेश मंत्रालय (एमईए) में सेक्रेटरी (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने गुरुवार को नई दिल्ली में बार्टोशेव्स्की के साथ एक अहम बैठक की थी। इस मीटिंग में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की गई और 2024-2028 एक्शन प्लान के मुख्य लक्ष्यों पर चर्चा की गई थी।
--आईएएनएस
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