नई दिल्ली, 6 फरवरी (आईएएनएस)। करोड़ों छात्र बीते कई दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 'परीक्षा पे चर्चा' की प्रतीक्षा कर रहे थे। छात्रों का यह इंतजार शुक्रवार सुबह समाप्त हो गया। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार 6 फरवरी की सुबह 10 बजे छात्रों के साथ 'परीक्षा पे चर्चा' की।
'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने परीक्षा से जुड़े तनाव और घबराहट को पीछे छोड़ परीक्षा की तैयारी पर प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन हासिल किया। छात्रों का कहना था कि उन्हें इस चर्चा के जरिए प्रधानमंत्री के प्रेरणादायक विचार व मार्गदर्शन मिले। 'परीक्षा पे चर्चा' के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से कर्तव्य पालन के महत्वपूर्ण विषय पर भी चर्चा की।
'कर्तव्य पालन' पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें अपने जीवन के तरीकों में सुधार लाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने छात्रों से स्वच्छता पर बात की। उन्होंने कहा कि यदि हमें विकसित भारत बनाना है, तो हमें यह तय करना होगा कि हम गंदगी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के विषय में हमें परिवार, मोहल्ले या बाहर कहीं भी समझौता नहीं करना होगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि हमारा स्वस्थ रहना भी एक तरह से हमारा कर्तव्य है। अगर हम इतना भी कर लें तो दुनिया की कोई ताकत भारत को विकसित भारत बनने से रोक नहीं सकती है।
'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से प्रश्न पूछते हुए कहा कि आप उस पीढ़ी में हैं जहां आपके पास इतना खुला आसमान हैं, इतना बड़ा कैनवास हैं और ऐसे में आप के ध्यान में क्या आता है कि आप क्या कर सकते हैं। एक छात्र ने इस पर कहा कि आज कल जमाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। एआई में बहुत सारी चीजें होती हैं।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आप भाग्यशाली हैं कि आपको टेक्नोलॉजी का यह अवसर मिला है। हमारे जमाने में इतनी टेक्नोलॉजी नहीं थी। उन्होंने छात्रों से कहा कि एआई आपकी शक्ति को बढ़ाने वाली होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने एआई के सकारात्मक पहलुओं व सार्थक उपयोग की बात की।
इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों ने सीधे प्रधानमंत्री से सुझाव मांगे। परीक्षा की तैयारी को लेकर प्रधानमंत्री की सलाह ली। साथ ही कई छात्रों ने गणित व अन्य प्रश्नों को लेकर भी सवाल पूछे। छात्रों ने प्रधानमंत्री से बोर्ड परीक्षा और स्कूल एग्जामिनेशन को लेकर प्रश्न पूछे।
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