नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा समिति) सचिव मोहसिन रेजाई के बीच 12 अक्टूबर को बात हुई थी। भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि बातचीत में भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
पाक्षिक मीडिया ब्रीफिंग में पूछे गए एक सवाल के जवाब में एमईए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया, "राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने 12 अक्टूबर को ईरान के अपने समकक्ष, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई से बात की थी। उन्होंने द्विपक्षीय मुद्दों, क्षेत्रीय हालात और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। बातचीत के दौरान भारतीय नाविकों और भारतीय टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।"
वहीं, नई दिल्ली में हुए बिम्सटेक बैठक को लेकर जायसवाल ने कहा, "बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक की मेजबानी भारत के गृह मंत्री ने की। इसमें बिम्सटेक के सभी देशों ने हिस्सा लिया और बातचीत व बैठक के बाद 'दिल्ली घोषणापत्र' को भी अपनाया गया। इसमें आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई, नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के उपाय और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सहयोग समेत कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने के लिए बिम्सटेक के सभी सदस्य देशों ने प्रतिबद्धता जताई।"
रूस और अमेरिका के बीच हुए तेल समझौते को लेकर पूछे गए सवाल पर एमईए प्रवक्ता ने कहा कि वो कमर्शियल समझौतों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। हम ग्लोबल एनर्जी मार्केट में स्थिरता का समर्थन करते हैं।
इससे पहले सऊदी अरब पर हो रहे हमलों को लेकर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए जायसवाल ने कहा, "सऊदी अरब पर कई हमले हुए हैं। अरामको मुख्यालय पर भी हमला हुआ। हम सऊदी अरब में आम लोगों के बुनियादी ढांचों पर हुए ऐसे सभी हमलों की निंदा करते हैं। हमारा मानना है कि ये हमले तुरंत बंद होने चाहिए। ये बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं। हम सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की जनता और सरकार के साथ खड़े हैं, और हमें उम्मीद है कि इस इलाके में जल्द ही शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।"
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