हम अमेरिका और यूक्रेन के साथ त्रिपक्षीय शांति वार्ता को तैयार: क्रेमलिन

Russia and Ukraine

मास्को, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। मास्को पहुंचे अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में तीन घंटे लंबी बातचीत हुई। क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि रूस ने त्रिपक्षीय शांति वार्ता के लिए सहमति जता दी है और इसका आयोजन नवंबर के शुरुआत में हो सकता है।

रूसी समाचार एजेंसी टीएएसएस के अनुसार, क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने पत्रकारों को बताया, "बुधवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच हुई बैठक लगभग तीन घंटे तक चली, जो काफी विस्तृत और स्पष्ट थी।"

उनके अनुसार, पुतिन और विटकॉफ ने रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच बातचीत फिर से शुरू करने के विकल्पों पर चर्चा की।

उशाकोव ने आगे बताया कि रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिकी दूत को सूचित किया कि मास्को नवंबर की शुरुआत में त्रिपक्षीय बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तैयार है।

रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने पत्रकारों को बताया कि यह बैठक कई दिन पहले ही तय कर ली गई थी। उन्होंने कहा, "यह एक पूर्व-नियोजित बैठक थी, जिस पर कई दिन पहले ही सहमति बन गई थी।"

उन्होंने आगे बताया कि अमेरिकी वार्ताकार जेरेड कुशनर बीमारी के कारण विटकोफ के साथ सेंट पीटर्सबर्ग नहीं जा सके, इसलिए वे वीडियो लिंक के जरिए बैठक में शामिल हुए। उनके मुताबिक, "पहले की तरह, जेरेड कुशनर के भी इसमें हिस्सा लेने की उम्मीद थी, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते वे नहीं आ सके। वे वीडियो लिंक के जरिए जुड़े और चर्चा के विषयों पर अपने विचार और आकलन साझा किए।"

पुतिन और विटकॉफ के बीच यह नौवीं बैठक थी, जो "रूस और अमेरिका के राष्ट्रपतियों के बीच होने वाली नियमित फोन बातचीत के अलावा एक उपयोगी कदम है।" उशाकोव ने जोर देकर कहा कि यह बैठक "विस्तृत और स्पष्ट" थी, जो लगभग तीन घंटे तक चली।

हालांकि रूस ने माना कि यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए पेश किए गए नए शांति प्रस्तावों में कोई ठोस बात नहीं है। फिर भी रूस ने अमेरिका और यूक्रेन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता फिर शुरू करने की सैद्धांतिक सहमति जताई है। यह वार्ता नवंबर की शुरुआत में हो सकती है। फिलहाल वार्ता की तारीख, स्थान और एजेंडे को लेकर अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।

पुतिन-विटकॉफ की बैठक से एक दिन पहले उन्होंने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ बातचीत की थी। इस दौरान यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने युद्ध समाप्त करने के लिए नए विचार और प्रस्ताव सामने रखे थे।

उशाकोव ने कहा कि विटकॉफ ने पुतिन को ओस्लो में हुई बातचीत और यूक्रेन तथा यूरोपीय देशों के नए रुख के बारे में जानकारी दी। हालांकि, उनके मुताबिक, इन प्रस्तावों में यूक्रेन संकट के समाधान के लिहाज से बहुत कम उपयोगी बातें थीं।

ओस्लो में हुई बातचीत में यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी, युद्ध के बाद आर्थिक पुनर्निर्माण, और यूरोप की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल थे। यूक्रेन और उसके सहयोगी चाहते हैं कि किसी भी समझौते के तहत रूस की ओर से भविष्य में संभावित सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी अमेरिका के साथ बातचीत में सुरक्षा गारंटी के मुद्दे को प्रमुखता दी है। कीव का रुख है कि युद्ध के समाधान से जुड़े किसी भी समझौते में यूक्रेन की संप्रभुता और सुरक्षा हितों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

इस बीच, रूस और अमेरिका के बीच ऊर्जा व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विटकॉफ और पुतिन ने रूसी डीजल की आपूर्ति से संबंधित व्यवस्था पर बातचीत की। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई, हालांकि यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध एक महत्वपूर्ण मुद्दा बने हुए हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था, और इसे समाप्त करने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में कई दौर की कोशिशें हो चुकी हैं। अब प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता की संभावनाओं के बावजूद, क्षेत्रीय सुरक्षा, भविष्य की सीमाओं और युद्ध के बाद की व्यवस्था जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

--आईएएनएस

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