नेपाल: बीएपीएस ने बढ़ाया मदद का हाथ, जरूरतमंदों तक पहुंचा रहा राहत सामग्री

BAPS Swaminarayan Sanstha services

काठमांडू, 31 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल के भोटेकोशी इलाके में आई बाढ़ कहर बनकर टूटी। जान-माल की भारी हानि हुई। देश-दुनिया के लोग आपदा पीड़ितों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इसी तरह दुनिया भर में मानवता, चरित्र निर्माण, पारिवारिक सद्भाव, चिकित्सा, शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण को समर्पित बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामिनारायण संस्था) ने भी हजारों लोगों की उम्मीदों को जगाने का काम किया है। संस्था ने जरूरतमंदों को इमरजेंसी राहत और मानवीय सेवाएं मुहैया करानी शुरू कर दी है।

मूल सिद्धांत "दूसरों के सुख में ही हमारा सुख है" से प्रेरणा ले संस्था से जुड़े कार्यकर्ता और साधक पीड़ितों तक जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं।

वहीं, महंत स्वामी महाराज ने दुनिया भर के बीएपीएस स्वामियों, स्वयंसेवकों और भक्तों के साथ मिलकर, इस प्राकृतिक आपदा पीड़ित लोगों और समुदायों के जल्द उबरने व पुनर्वास की दिल से प्रार्थना की है।

संस्था के अनुसार, इस आपदा ने रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे कई परिवारों को भोजन, कपड़े, दवाइयों और अन्य जरूरी चीजों की तत्काल आवश्यकता है। संकट की घड़ी में बीएपीएस नेपाल के स्वयंसेवकों ने चावल, दाल, खाना पकाने का तेल, खाद्य सामग्री, दवाइयां, कंबल और महिलाओं- बच्चों के लिए कपड़े जैसी जरूरी राहत सामग्री का इंतजाम कर वितरण शुरू कर दिया है। राहत कार्य काठमांडू में जिला प्रशासन कार्यालय के साथ मिलकर किए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मदद जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

वैसे ये पहली बार नहीं है कि बीपीएएस विपदा काल में मदद का हाथ बढ़ा रहा हो। जब भी देश-विदेश में कभी भी कोई आपत्ति आई है संस्था हमेशा समाज के साथ खड़ा रहा है और मानवीय सेवा में सबसे आगे रहा है। गुजरात, केरल और असम में बाढ़ राहत कार्यों से लेकर नेपाल में चल रहे राहत कार्यों तक, बीएपीएस के स्वयंसेवकों ने करुणा, समर्पण और निस्वार्थ सेवा की भावना के साथ प्रभावित लोगों की सेवा जारी रखी है।

26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर आए फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई। इस आपदा में 900 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि 4000 से ज्यादा लापता बताए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

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