नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल ‘मंगल मिलन’ के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह एक ऐसा मंच है, जहां सांसद हर मंगलवार को एकत्र होकर विभिन्न राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा करते हैं। इस बैठक का उद्देश्य विचारों का आदान-प्रदान करना, चुनौतियों पर मंथन करना और नए सुझावों को आगे बढ़ाना है।
'मोदी स्टोरी' नामक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए गए एक वीडियो में बांसुरी स्वराज ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल राष्ट्रवादी विचारधारा के आधार पर जुड़े हुए हैं। जब राष्ट्र निर्माण का संकल्प एक हो तो संवाद और विचार-विमर्श के लिए एक साझा मंच की आवश्यकता होती है। इसी सोच के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बैठकों का नाम ‘मंगल मिलन’ रखा।
बांसुरी स्वराज ने बताया कि पहला ‘मंगल मिलन’ नीट पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित किया गया था। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पेपर लीक जैसी समस्या किसी एक दल या राजनीतिक विचारधारा से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने इस समस्या से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लड़ने की जरूरत पर जोर दिया और इसे एक गंभीर अपराध बताया।
उन्होंने कहा कि उस बैठक में प्रधानमंत्री ने भारत के युवा नवाचारकर्ताओं का भी जिक्र किया था। खास तौर पर ‘स्काईरूट’ की टीम का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इसकी औसत आयु करीब 28 वर्ष है और इस टीम ने देश का पहला निजी रॉकेट लॉन्च करने में सफलता हासिल की है।
बांसुरी स्वराज के अनुसार, ‘मंगल मिलन’ की बैठकों में केवल राजनीतिक मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक घटनाक्रम और देश की आर्थिक रणनीतियों पर भी चर्चा होती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक बैठक में दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे युद्धों का जिक्र करते हुए कहा था कि कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए 9 मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सांसदों से युवाओं के साथ अधिक संवाद बढ़ाने का भी आह्वान किया। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि समाज के विभिन्न वर्गों तक इन मुक्त व्यापार समझौतों और आर्थिक नीतियों का लाभ पहुंचे।
--आईएएनएस
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