नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को सदन को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में आम आदमी पार्टी (आप) की पूर्व सरकार पर राशि खर्च नहीं करने और जनता के पैसे के कथित दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने 2024-25 के बजट का उदाहरण पेश करते हुए दावा किया कि सरकार ने करीब 20 हजार करोड़ रुपए की राशि का इस्तेमाल नहीं किया।
रेखा गुप्ता ने कहा कि यह बहुत बड़ी बात है कि पिछली सरकार के पास राशि थी। उसे खर्च नहीं किया जा रहा था। वे जो पैसा खर्च करते थे, उसका गलत इस्तेमाल करते थे। 2024-25 के बजट की बात की जाए तो 80,798 करोड़ रुपए का बजट था। सरकार ने केवल 61 हजार करोड़ रुपए खर्च किए। पूरी राशि खर्च नहीं की गई और जनता के हित में कोई कार्य नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान इस बात पर था कि घोटाला कहां से किया जाए और जनता का पैसा कहां से गबन हो जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार का यमुना की सफाई से भी कोई लेना-देना नहीं था। नए स्कूल, नई सड़क या फिर जनता से जुड़ी योजनाओं का सीधेतौर पर लाभ दिलाना, ऐसी किसी भी सोच के साथ पूर्व की सरकार ने काम नहीं किया।
जीएसटी का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि 2025-26 में हमने 1,313 करोड़ रुपए का जीएसटी रिफंड दिया है और अब अगर 2026-27 की बात करें, तो आधा साल बीत चुका है और हमने पहले ही 550 करोड़ रुपए का जीएसटी रिफंड दे दिया है। हम यह पक्का करने की कोशिश कर रहे हैं कि लोगों का पैसा उन तक समय पर पहुंचे। हम यही करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने गरीब मजदूरों की भलाई पर एक रुपया भी खर्च नहीं किया। रेखा गुप्ता ने तंज कसते हुए कहा कि पूर्व की सरकार कहती है कि उन्होंने 'बहुत बढ़िया काम किया।' लेकिन, जब हमने पिछली सीएजी रिपोर्ट देखी तो पाया कि उन्होंने गरीब मजदूरों पर, उनकी भलाई पर या उनकी कल्याणकारी योजनाओं पर एक रुपया भी खर्च नहीं किया।
रेखा गुप्ता ने कहा कि सर्वोच्च संवैधानिक ऑडिट संस्था ने रिपोर्ट तैयार की है। इस ऑडिट ने पिछली सरकार की गड़बड़ियों को उजागर किया है। इसमें हर मुद्दे को इतने विस्तार से समझाया गया है कि पता चलता है कि कैसे पिछली आम आदमी पार्टी सरकार ने कथित तौर पर जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल किया और दिल्ली के पैसे का दुरुपयोग किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकार में गड़बड़ी हुई है, जिसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय से ही कई व्यवस्थाओं में खामियां थीं। हमारी सरकार ने एक रिपोर्ट पेश की है, जिस पर पीएसी लगातार जांच कर रही है और पिछली सरकार के समय में पीएसी की कोई बैठक नहीं हुई। सीएजी को शामिल नहीं किया गया, यानी सब कुछ छिपाकर रखा गया था।
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