महाराष्ट्र के सतारा में सूर्य घर योजना बनी मिसाल, सोलर पैनल से आधा हुआ बिजली खर्च

महाराष्ट्र के सतारा में सूर्य घर योजना बनी मिसाल, सोलर पैनल से आधा हुआ बिजली खर्च

सतारा, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ देशभर के लाखों परिवार उठा रहे हैं और अपने बिजली खर्च में बड़ी बचत कर रहे हैं। ऐसी ही एक सफल कहानी महाराष्ट्र के सातारा जिले के कराड शहर से सामने आई है, जहां सोलर पैनल लगने से एक परिवार का बिजली बिल आधे से भी कम हो गया है।

कराड शहर की रेवेन्यू कॉलोनी में रहने वाले शोभा शशिकांत देसाई और शशिकांत आनंदराव देसाई दंपती ने इस योजना का लाभ लिया है। शोभा शशिकांत देसाई पेशे से शिक्षिका हैं, जबकि उनके पति शशिकांत देसाई वन विभाग में कार्यरत हैं। चार सदस्यों वाले इस परिवार को पहले हर महीने करीब 800 से 900 रुपए तक का बिजली बिल आता था, जो उनके मासिक बजट पर एक अतिरिक्त बोझ था।

इसी दौरान देसाई दंपती को केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के बारे में जानकारी मिली। योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी और लाभ को समझने के बाद उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने का फैसला किया। सोलर पैनल लगने के बाद से उनके बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है।

अब उनके बिजली बिल में हर महीने करीब 500 से 600 रुपए तक की बचत हो रही है। पहले जहां 800-900 रुपए का बिल आता था, अब वह काफी कम हो गया है, जिससे परिवार के मासिक खर्च में राहत मिली है।

इस योजना की लाभार्थी शोभा देसाई ने बताया कि यह योजना उनके परिवार के लिए आर्थिक रूप से काफी उपयोगी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस तरह की योजनाएं आम परिवारों के लिए बहुत मददगार हैं। उन्होंने इसके लिए सरकार का आभार व्यक्त किया और अपील की कि भविष्य में भी आम लोगों के लिए ऐसी योजनाएं जारी रहनी चाहिए।

वहीं शशिकांत आनंदराव देसाई ने भी बताया कि सोलर पैनल लगवाने के बाद से उनके परिवार के बिजली खर्च में कमी आई है और हर महीने घरेलू खर्च में बचत हो रही है। उनका कहना है कि सरकार की ऐसी योजनाएं आम लोगों के लिए फायदेमंद हैं और अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ उठाना चाहिए।

देसाई परिवार की यह कहानी बताती है कि सरकारी योजना का सही लाभ लेकर परिवार अपने नियमित खर्च को कम कर सकता है। सूर्य घर योजना से न सिर्फ बिजली बिल में बचत हो रही है, बल्कि सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिल रहा है, जो पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।

--आईएएनस

एससीएच/वीसी