लिएंडर पेस: डबल्स में दुनिया के महानतम टेनिस खिलाड़ियों में एक, ओलंपिक में देश के लिए जीता पदक

लिएंडर पेस: डबल्स में दुनिया के महानतम टेनिस खिलाड़ियों में एक, ओलंपिक में देश के लिए जीता पदक

नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। क्रिकेट के दीवाने देश भारत में किसी दूसरे खेल में बड़ी पहचान बनाना और बड़ी सफलता हासिल करना बेहद मुश्किल काम है। अथक मेहनत और दृढ़ संकल्प की वजह से कई खिलाड़ियों ने दूसरे खेलों में न सिर्फ बड़ी पहचान और सफलता पाई है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं। ऐसे खिलाड़ियों में दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।

लिएंडर पेस का जन्म 17 जून 1973 को कलकत्ता में हुआ था। लिएंडर के पिता वेस पेस और माता जेनिफर पेस, दोनों ही खेल से जुड़े थे। माता-पिता की प्रेरणा की वजह से ही पेस खेल के क्षेत्र में आए। पेस ने 12 साल की उम्र में चेन्नई में टेनिस एकेडमी में नामांकन लिया था। पहली बार पेस को अंतरराष्ट्रीय पहचान 1990 में मिली, जब उन्होंने 17 साल की उम्र में विंबलडन जूनियर का खिताब जीता था। इसके बाद से पेस ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वैश्विक टेनिस जगत में भारत का बड़ा नाम बनकर उभरे।

पेस को एकल से ज्यादा सफलता डबल और मिश्रित डबल में मिली। डबल्स में पेस के सबसे सफल जोड़िदार एक अन्य भारतीय टेनिस लीजेंड महेश भूपति रहे। वहीं मिक्स डबल्स में उनकी जोड़ी मार्टिना हिंगिस और मार्टिना नवरातिलोवा के साथ सफल रही। डबल्स में पेस को दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।

पेस के करियर पर गौर करें तो, उन्होंने 1996 में अटलांटा में आयोजित ओलंपिक में टेनिस के पुरुष एकल वर्ग में कांस्य पदक जीता था। पेस ओलंपिक में टेनिस में पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय हैं।

पेस का ग्रैंड स्लेम में लंबा और सफल करियर रहा है। वह डबल्स में 8 खिताब जीत चुके हैं और चारों मेजर ग्रैंड स्लेम खिताब जीत चुके हैं। पेस ने डबल्स में ऑस्ट्रेलियन ओपन 2012 में, फ्रेंच ओपन 1999, 2001 और 2009 में, विंबलडन 1999 में और यूएस ओपन 2006, 2009 और 2013 में जीता था।

वहीं मिक्स डबल्स में भी पेस के नाम दस ग्रैंड स्लैम खिताब हैं। पेस ने मिक्स डबल्स में ऑस्ट्रेलियन ओपन (2003, 2010 और 2015), फ्रेंच ओपन (2016), विंबलडन (1999, 2003, 2010 और 2015), और यूएस ओपन (2008 और 2015) में जीता था।

टेनिस में अभूतपूर्व सफलता के लिए लिएंडर पेस को भारत सरकार ने 1996-97 में खेल रत्न पुरस्कार (ध्यानचंद खेल रत्न), 1990 में अर्जुन पुरस्कार, 2001 में पद्मश्री सम्मान और जनवरी 2014 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था।

53 साल के हो रहे पेस ने आधिकारिक तौर पर 2020 में संन्यास की घोषणा की थी। संन्यास के बाद भी युवाओं को टेनिस में आगे लाने और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में पेस लगातार काम कर रहे हैं।

--आईएएनएस

पीएके