हापुड़, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने दावा किया है कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले विपक्षी दलों को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा। महाभारत में जिस तरह कौरवों का सत्यानाश हुआ, विपक्ष का भी यही हाल होगा।
हापुड़ में मीडिया से बातचीत के दौरान आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि पांच हजार साल पहले महाभारत काल में महिलाओं का अपमान किया गया था और उन्हें नीचा दिखाने की साजिश रची गई थी, जिसमें कौरवों और शकुनि जैसे लोग शामिल थे। अब, 5,000 साल बाद जब महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण की बात हो रही है और प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। लेकिन, विपक्षी दलों ने महिलाओं के आरक्षण का विरोध किया।
उन्होंने आगे कहा कि संशोधन बिल का विरोध करने वाले सोच रहे हैं कि उन्हें राजनीति में कोई न कोई लाभ होगा। लेकिन, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि जैसे 5 हजार साल पहले एक महिला का अपमान करने की वजह से महाभारत हुआ और कौरवों का सत्यानाश हुआ। इसी प्रकार महिलाओं का अपमान करने वाले विपक्ष का भी सत्यानाश होना सुनिश्चित है।
बंगाल चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल पर आचार्य कृष्णम ने कहा कि कुछ लोग बंगाल को बांग्लादेश में बदलना चाहते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि पश्चिम बंगाल की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन और भारतीय लोकतंत्र की जीत के समर्थन में मतदान किया है। वहां जो अराजकता और कुशासन व्याप्त था और टीएमसी के नेताओं ने जिस तरह की शर्मनाक गतिविधियां की हैं, वे बेहद निंदनीय थीं। मुझे लगता है कि परिवर्तन संसार का नियम है और बंगाल में परिवर्तन होगा।
उन्होंने आगे कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे से एक धाम को दूसरे धाम से जोड़ना सतानत के लिए गौरव का विषय है। सौभाग्य का विषय है कि कल्कि धाम आने वाले लोगों को भी इस एक्सप्रेसवे से लाभ होगा। इस एक्सप्रेसवे के लिए पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ का आभार।
बताते चलें कि संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर बुलाया गया था। लेकिन, विपक्षी दलों के विरोध ने संशोधन बिल को पारित नहीं होने दिया। इसके बाद से भाजपा शासित प्रदेशों में विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रोश रैली तक निकाली गई।
भाजपा का दावा है कि इस संशोधन बिल को पारित कराया जाएगा और महिलाओं को आरक्षण का हक दिलाकर रहेंगे।
--आईएएनएस
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