कनिष्क विमान हादसे की 41वीं बरसी, कनाडा-आयरलैंड के राजनयिक मिशनों ने दी श्रद्धांजलि

Kanishka Viman Hadse ki barsi

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस) । कनाडा और आयरलैंड के राजनयिक मिशनों ने एयर इंडिया फ्लाइट 182 (कनिष्क बम विस्फोट) त्रासदी की 41वीं बरसी पर मंगलवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया।

कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस कूटर और आयरलैंड के उप राजदूत रेमंड मुलन ने इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित कनाडा हाउस में आयोजित स्मरण समारोह में पीड़ित परिवारों के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और राजनयिक समुदाय के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया।

इस दौरान उपस्थित लोगों ने 2025 में लगाए गए स्मारक वृक्ष के पास पुष्पांजलि अर्पित की, दो मिनट का मौन रखा और श्रद्धांजलि पुस्तिका में हस्ताक्षर किए।

क्रिस कूटर ने इस मौके पर कहा, "41 साल बाद भी यह घटना 329 निर्दोष लोगों की जान जाने की दर्दनाक याद दिलाती है। आतंकवाद किसी भी समाज में स्वीकार्य नहीं है, और कनाडा, भारत, आयरलैंड तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदार मिलकर शांति, सुरक्षा और न्याय के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

वहीं, आयरलैंड के उप राजदूत रेमंड मुलन बोले, "पीड़ित परिवारों ने चार दशक से अधिक समय तक इस दुख को साहस के साथ सहा है। आतंकवाद गहरे घाव छोड़ता है, लेकिन मानवता की भावना को समाप्त नहीं कर सकता।

23 जून 1985 को एयर इंडिया फ्लाइट 182 मॉन्ट्रियल-लंदन-नई दिल्ली मार्ग पर उड़ान भर रही थी, जब आयरलैंड के हवाई क्षेत्र में लगभग 9,400 मीटर की ऊंचाई पर बम विस्फोट के कारण विमान अटलांटिक महासागर में गिर गया। इस हादसे में कुल 329 लोगों की मौत हुई।

मरने वालों में 268 कनाडाई, 27 ब्रिटिश, 22 भारतीय, 10 अमेरिकी नागरिक और 2 अन्य शामिल थे जिनकी राष्ट्रीयता स्पष्ट नहीं हो सकी थी।

इसके बाद से कनाडा 23 जून को राष्ट्रीय आतंकवाद पीड़ित स्मरण दिवस के रूप में मनाता आया है। कनाडा के कई शहरों, वैंकूवर, टोरंटो, मॉन्ट्रियल और ओटावा में स्थायी स्मारक स्थापित हैं।

इस वर्ष मार्च में महेश चंद्र शर्मा, जिन्होंने इस त्रासदी में अपने परिवार को खो दिया था, को ऑर्डर ऑफ कनाडा से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने परिवार के नाम पर छात्रवृत्ति योजना भी शुरू की है।

--आईएएनएस

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