सोनीपत, 7 फरवरी (आईएएनएस)। हरियाणा की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, राई में कबड्डी चैंपियंस लीग का शानदार फिनाले हुआ, जिसमें रोहतक रॉयल्स ने भिवानी बुल्स को 32-30 से हराकर कबड्डी चैंपियंस लीग का खिताब जीता।
फाइनल उम्मीद के मुताबिक रहा। देवांक दलाल ने भिवानी बुल्स के लिए बोनस पॉइंट के साथ स्कोरिंग शुरू की, लेकिन विजय मलिक और राकेश सिंह ने रोहतक रॉयल्स के लिए तेज रेड और सोचे-समझे अटैक से जोरदार जवाब दिया।
रॉयल्स के शुरुआती दबदबे ने उन्हें पहला ऑल-आउट करते हुए 9-3 की बढ़त दिलाई। इससे पहले भिवानी ने देवांक की निडर रेड और सौरव के समय पर किए गए रिवाइवल से वापसी की। दोनों टीमों ने मिलकर डिफेंस करके स्टार रेडर्स को रोका, और पहले हाफ में रोहतक 20-16 से आगे रहा।
दूसरे हाफ में परवेश मलिक के हाई-5 पूरा करने पर भिवानी बुल्स थोड़ी देर के लिए आगे हो गए, जबकि रॉयल्स ने दबाव झेलने के लिए अनुशासन और धैर्य पर भरोसा किया। देवांक के चोटिल होने और बार-बार करो या मरो वाली स्थितियों में निशाना बनाए जाने के बावजूद, बुल्स आखिरी पलों तक मुकाबले में बने रहे।
राकेश सिंह के शांत रेड और संदीप नरवाल के आखिरी सेकंड में लगातार स्टॉप सहित आखिरी समय में किए गए अहम टैकल, रोहतक रॉयल्स के लिए अहम साबित हुए, क्योंकि उन्होंने मैच 32-30 से जीतकर ऐतिहासिक खिताब अपने नाम कर लिया।
ग्रैंड फिनाले में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, कुलदीप दलाल (अध्यक्ष, एकेएएच), चेतन जोशी (जनरल सेक्रेटरी, उत्तराखंड), और कुमार विजय (चेयरमैन, बिहार कबड्डी एसोसिएशन) शामिल हुए।
कृष्ण लाल पंवार ने कहा, "कबड्डी हरियाणा की शान है, और केसीएल ने विश्व स्तरीय मंच के साथ उस विरासत को और मजबूत किया है।
कुलदीप दलाल ने कहा, "यह लीग युवा खिलाड़ियों को दबाव में एक्सपोजर देकर भारतीय कबड्डी का भविष्य बना रही है।"
चेतन जोशी ने कहा, "केसीएल ने भारत में घरेलू कबड्डी प्रतियोगिता के लिए एक बेंचमार्क सेट किया है।"
जीत के बाद विजय मलिक ने कहा, "यह वैसा ही फाइनल था जिसकी हमें उम्मीद थी। यह किसी भी तरफ जा सकता था, लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी। हम आज रात जश्न मनाएंगे क्योंकि हमने इसके लिए बहुत मेहनत की है। केसीएल हरियाणा के कबड्डी के जुनून को सामने लाया है। मुझे पता है कि यह लीग और बड़ी होगी।"
रॉयल्स के हेड कोच सुरेंदर नाडा ने रणनीति पर बात करते हुए कहा, "हमें अपनी योजना पर टिके रहने और स्कोर की परवाह किए बिना अपने डिफेंस को मैट पर बनाए रखने के लिए प्रयत्न करना था। आप जितना ज्यादा टिकते हैं, रेडर पर उतना ही ज्यादा दबाव बनता है। हमने देवांक को रोकने का प्लान बनाया था, और उस प्लान को लागू करने से फर्क पड़ा।"
--आईएएनएस
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