रांची, 2 नवंबर (आईएएनएस)। झारखंड के गोड्डा में अंबुजा सीमेंट्स 2.9 मिलियन टन प्रतिवर्ष (एमटीपीए) क्षमता का नया सीमेंट ग्राइंडिंग प्लांट स्थापित करने की योजना बना रही है। कंपनी ने देश के छह राज्यों में नए संयंत्रों और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के जरिए करीब 30 एमटीपीए अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस पूरी योजना पर करीब 14,500 करोड़ रुपए निवेश किए जाने हैं।
कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक अपनी कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 155 एमटीपीए करना है। अदाणी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स के इस विस्तार कार्यक्रम में झारखंड के अलावा असम, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
कंपनी के अनुसार, प्रस्तावित परियोजनाओं से पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी भारत में उसका विनिर्माण नेटवर्क मजबूत होगा। फिलहाल कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 113.5 एमटीपीए है। देशभर में उसके 24 एकीकृत सीमेंट संयंत्र और 24 ग्राइंडिंग इकाइयां संचालित हैं। गोड्डा में प्रस्तावित संयंत्र पूर्वी भारत में कंपनी के विस्तार की अहम कड़ी होगा। इस क्षेत्र में असम के रंगिया और होजाई में भी 2.9-2.9 एमटीपीए क्षमता की ग्राइंडिंग इकाइयां स्थापित करने की योजना है।
बिहार के मुजफ्फरपुर में भी इतनी ही क्षमता का नया संयंत्र प्रस्तावित है। इसके अलावा असम के उमरांगसो में चार एमटीपीए क्षमता का क्लिंकर संयंत्र विकसित किया जाएगा। क्लिंकर सीमेंट निर्माण का प्रमुख कच्चा घटक है। इसकी उपलब्धता बढ़ने से ग्राइंडिंग इकाइयों को उत्पादन में मदद मिलेगी। कंपनी की योजना के अनुसार, पश्चिमी क्षेत्र में करीब 15.5 एमटीपीए, पूर्वी क्षेत्र में 11.6 एमटीपीए और उत्तरी क्षेत्र में 2.9 एमटीपीए नई ग्राइंडिंग क्षमता जोड़ी जाएगी।
गुजरात के मुंद्रा और हजीरा में 2.9-2.9 एमटीपीए की इकाइयां प्रस्तावित हैं। महाराष्ट्र के रायगढ़, कल्याण और अमरावती में भी 2.9-2.9 एमटीपीए तथा दहाणू में 0.7 एमटीपीए क्षमता बढ़ाने की योजना है। उत्तर प्रदेश के दादरी में दूसरी उत्पादन लाइन के जरिए 2.9 एमटीपीए क्षमता का विस्तार किया जाएगा।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद बाहेती ने कहा कि विस्तार योजना का उद्देश्य उत्पादन क्षमता के साथ विनिर्माण नेटवर्क में बेहतर संतुलन और लचीलापन लाना है। क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच तालमेल बढ़ाने तथा अधिक मांग वाले बाजारों के नजदीक उत्पादन इकाइयां स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।
कंपनी को वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में पंजाब के बठिंडा में 1.2 एमटीपीए और राजस्थान के जोधपुर पेन्ना एकीकृत संयंत्र में दो एमटीपीए क्षमता के स्थिरीकरण और उत्पादन बढ़ाने की उम्मीद है। बिहार के वारिसलीगंज में 2.4 एमटीपीए क्षमता की ग्राइंडिंग इकाई भी इसी अवधि में चालू करने की योजना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर मार्च 2027 तक कंपनी की कुल सीमेंट क्षमता 119 एमटीपीए पहुंचने का अनुमान है।
कंपनी के मुताबिक, अधिग्रहण के बाद 30 सितंबर 2026 तक 11 विस्तार परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इनके जरिए 16.3 एमटीपीए सीमेंट और नौ एमटीपीए क्लिंकर उत्पादन क्षमता जुड़ी है।
--आईएएनएस
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