नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। भारत और रूस की दशकों पुरानी दोस्ती को अब पर्यटन के नए रंग मिलने जा रहे हैं। नई दिल्ली स्थित रशियन हाउस में 'ओपन योर रशिया 2.0 इनबाउंड टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोग्राम' के तहत एक्सपर्ट वैलिडेशन सेशन का आयोजन किया गया। इसमें रूस के चार नए क्षेत्रों ने भारतीय टूरिज्म इंडस्ट्री के सामने अपने टूरिज्म प्रोडक्ट्स पेश किए।
सेंटर फॉर स्ट्रैटजिक रिसर्च और रॉसोट्रुडनिचेस्टवो के नेतृत्व में आयोजित इस बिजनेस प्रोग्राम का मकसद भारतीय पर्यटकों को यह बताना है कि रूस सिर्फ मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि इको-ट्रेल्स, वन्यजीव अभयारण्यों और प्राकृतिक अजूबों से भरा एक नया रूस भी उनके इंतजार में है।
भारत में 'ओपन योर रशिया 2.0 इनबाउंड टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोग्राम' के तहत भाग लेने वाले क्षेत्रों द्वारा विकसित टूरिज्म प्रोडक्ट्स के एक्सपर्ट वैलिडेशन सेशन के बिजनेस प्रोग्राम में सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक रिसर्च की डिप्टी सीईओ एलेक्जेंड्रा उसाचेवा ने कहा, "रूस और भारत बहुत करीब हैं और हमारी दोस्ती का इतिहास बहुत पुराना है। हालांकि पर्यटन क्षेत्र में हमारे संबंध उतने मजबूत नहीं हैं। हम यहां रूस को एक पर्यटन स्थल के रूप में प्रमोट करने और यह दिखाने के लिए हैं कि यह सिर्फ मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग ही नहीं है, जो भारतीय दर्शकों के लिए जाने-पहचाने हैं, बल्कि हमारे पास भारतीय यात्रियों के लिए कई अन्य डेस्टिनेशन भी हैं।"
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) की असिस्टेंट सेक्रेटरी जनरल पायल स्वामी ने कहा कि यह आइडिया बेहद सराहनीय है, क्योंकि आतिथ्य सत्कार की कोई क्षेत्रीय या सीमा की पाबंदी नहीं होती। भारत एक ऐसा देश है जो आतिथ्य को महत्व देता है और इसी तरह यह 2.0 पहल भी पर्यटकों का स्वागत करती है और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को बढ़ावा देती है।
एसटीआईसी ट्रैवल्स के चेयरमैन और इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की एविएशन एंड टूरिज्म एक्सपर्ट कमेटी के चेयरमैन सुभाष गोयल ने कहा कि आज का सेमिनार और बातचीत भारत और रूस के पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों को एक साथ लाता है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ाना है। रूस दुनिया का सबसे बड़ा देश है, और यहां प्रदर्शित किए गए चार नए क्षेत्र बहुत ही खूबसूरत हैं।
मॉस्को माइस एंबेसडर और एसोसिएशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स वेलफेयर (इंडिया) के वाइस प्रेसिडेंट अनुपम वोहरा ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधि यहां रूस में मौजूद डेस्टिनेशन की विविधता को उजागर करने आए हैं। भले ही पर्यटक संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में न जाने का विकल्प चुनें, फिर भी वे देश के अन्य हिस्सों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। रूस में कई प्राकृतिक अजूबे और दर्शनीय आकर्षण हैं, जिन्हें पर्यटक देख सकते हैं।
भारत में रॉसोट्रुडनिचेस्टवो प्रतिनिधि कार्यालय के प्रमुख अलेक्जेंडर डोडोनोव ने कहा कि रूस के चार क्षेत्र भारत में पार्टनर तलाशने के लिए रशियन हाउस आए हैं। मुझे यकीन है कि कई कनेक्शन स्थापित होंगे। भारतीय पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधि भी यह चर्चा करने आए हैं कि भारत-रूस पर्यटन को कैसे विकसित किया जाए।
लेनिनग्राद क्षेत्र की बाहरी संबंध समिति के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग विभाग की मुख्य विशेषज्ञ एलेक्जेंड्रा वेरबिट्सकाया ने कहा कि हम रूसी लोग प्रकृति में घूमना पसंद करते हैं। हम इको-ट्रेल्स विकसित करते हैं, जो इस तरह से सुसज्जित होते हैं कि पर्यटक दलदल में न गिरें और पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकें, क्योंकि हमारे पास कई वन्यजीव अभयारण्य हैं। हम अपने क्षेत्र में पक्षियों की आबादी के साथ-साथ अन्य वन्यजीवों की भी निगरानी करते हैं। पर्यटक इन रास्तों पर चल सकते हैं, प्रकृति का आनंद ले सकते हैं और बिना ज्यादा दूर जाए एक नए रूस की खोज कर सकते हैं। यही मुख्य लाभ है।
--आईएएनएस
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