रांची, 8 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (पीएमबीजेके) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी जन-कल्याणकारी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में झारखंड की राजधानी रांची स्थित रिम्स (आरआईएमएस) अस्पताल के समीप संचालित जन औषधि केंद्र गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।
रिम्स में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि यहां मिलने वाली जेनेरिक दवाइयां बाजार में उपलब्ध ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती हैं, जिससे इलाज का कुल खर्च काफी कम हो जाता है।
इस जन औषधि केंद्र पर सामान्य बीमारियों की दवाओं के साथ-साथ शुगर, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों की आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा कई प्रकार के सर्जिकल सामान भी यहां किफायती दामों पर मिल रहे हैं। दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर मरीजों में संतोष देखने को मिल रहा है। इलाज के लगातार बढ़ते खर्च के बीच यह केंद्र खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए बड़ी मदद बनकर सामने आया है। लोग इसे सरकार की एक सराहनीय पहल बताते हुए इससे मिलने वाले लाभ की खुले तौर पर प्रशंसा कर रहे हैं।
दवा खरीदने आए लाल प्रसाद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि वह भारतीय जन औषधि केंद्र से दवाइयां लेने आए थे, जहां उन्हें बहुत ही सस्ते दामों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां मिलीं। उन्होंने कहा कि उन्हें मात्र 78 रुपए में सारी जरूरी दवाएं मिल गईं, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
एक अन्य खरीददार अमर लाल प्रसाद ने बताया कि जन औषधि केंद्र पर बाहर बाजार की तुलना में काफी सस्ती दवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि वह पहली बार इस औषधि केंद्र से दवा ले रहे हैं और यहां की कीमतों और व्यवस्था से काफी संतुष्ट हैं।
औषधि केंद्र पर दवा लेने आए देव उरांव ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां दवाएं बहुत सस्ती मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि यदि वे यही दवाएं बाहर बाजार से खरीदते तो काफी महंगी पड़तीं, जबकि जन औषधि केंद्र से उन्हें मात्र 62 रुपये में तीन दवाएं मिल गईं।
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के संचालक जयदीप ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि केंद्र पर ओपीडी में लिखी जाने वाली लगभग सभी दवाएं उपलब्ध रहती हैं, हालांकि ओटी से संबंधित कुछ विशेष दवाएं यहां उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र से दवाइयां लेने पर मरीजों को लंबे समय तक होने वाले इलाज के खर्च में बड़ी बचत होती है। उन्होंने दवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बताते हुए कहा कि यह योजना गरीब जनता की भलाई के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है।
गौरतलब है कि झारखंड की राजधानी रांची स्थित रिम्स अस्पताल में रोजाना ओपीडी में लगभग 1500 गरीब मरीज डॉक्टरों से परामर्श लेने पहुंचते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र पर 50 से 90 प्रतिशत तक की छूट पर दवाएं उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिल रही है और इलाज का बोझ काफी हद तक कम हो रहा है।
--आईएएनएस
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