जनभागीदारी और व्यक्तिगत जिम्मेदारी से 'विकसित भारत' बनेगा : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

जनभागीदारी और व्यक्तिगत जिम्मेदारी से ही बनेगा विकसित भारत: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि 'विकसित भारत' का सपना तभी साकार हो सकता है, जब सरकार के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी निभाए। देश और समाज के विकास में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण आधार है और हर व्यक्ति यदि प्रतिदिन देशहित में एक कदम आगे बढ़ाए तो भारत तेजी से प्रगति की ओर बढ़ सकता है।

एक सम्मान समारोह में सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार नागरिकों की भागीदारी पर जोर देते रहे हैं। यदि देश के 140 करोड़ नागरिक प्रतिदिन राष्ट्रहित में एक सकारात्मक कदम उठाएं, तो भारत हर दिन 140 करोड़ कदम आगे बढ़ेगा।"

रेखा गुप्ता ने समाज और परिवार की भूमिका का उदाहरण देते हुए कहा, "पहले संयुक्त परिवारों में केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि दादा-दादी, चाचा-चाची, और बड़े भाई-बहन भी जिम्मेदारियां साझा करते थे। उसी तरह, 140 करोड़ की आबादी वाले भारत जैसे विशाल देश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं हो सकती। जब तक समाज स्वयं आगे नहीं आएगा, तब तक विकास की गति अधूरी रहेगी।"

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में काम करने वाले सभी सम्मानित व्यक्तियों की सराहना की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए 'बर्तन बैंक' की पहल करने वाली मानवी शर्मा के प्रयासों को प्रेरणादायक बताते हुए कहा, "सिंगल यूज प्लास्टिक को कम करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।"

उन्होंने एसिड अटैक पीड़िताओं के पुनर्वास और सम्मान के लिए कार्य करने वाली शाहीन मलिक, नशामुक्ति अभियान से जुड़े अनूप कुमार, जेल के कैदियों को रेडियो जॉकी का प्रशिक्षण देने वाले राज संतोष, युवाओं के लिए पुस्तकालय और अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली अर्चना, दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए कार्य करने वाले राजेंद्र सिंह और जरूरतमंद परिवारों, बुजुर्गों और वंचित बच्चों की सहायता करने वाली श्वेता चौहान के योगदान की भी सराहना की।

उन्होंने कहा, "समाज के ऐसे लोग किसी पद या पहचान से नहीं, बल्कि अपने कार्यों से नायक बनते हैं। ऐसे व्यक्तित्व दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं और समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं।" मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे भी अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य चुनें, जो देश और समाज के हित में हो।

रेखा गुप्ता ने कहा, "देशभक्ति केवल सीमा पर जाकर देश की रक्षा करने तक सीमित नहीं है। हर नागरिक अपने दैनिक जीवन में ईमानदारी से काम करके, समाज की सेवा करके, और अपने कर्तव्यों का पालन करके भी राष्ट्रसेवा कर सकता है। हर किसी को देश के लिए जीने का अवसर मिला है, और उसी अवसर का सही उपयोग करना सबसे बड़ा योगदान है।"

मुख्यमंत्री ने दिल्ली के विकास का उल्लेख करते हुए कहा, "स्वच्छ और हरित राजधानी बनाने में सरकार अकेले सफल नहीं हो सकती। यदि कूड़े के पहाड़ खत्म करने हैं, प्रदूषण कम करना है और पर्यावरण को बेहतर बनाना है, तो लोगों को स्वयं भी कूड़ा फैलाने से बचना होगा, अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे और सरकारी योजनाओं को अपनाकर उनका सहयोग करना होगा। प्रत्येक नागरिक को यह भावना अपनानी होगी कि यह दिल्ली मेरी है, इसकी जिम्मेदारी मेरी है और यह भारत मेरा है, इसकी जिम्मेदारी भी मेरी है।"

--आईएएनएस

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