जुबीन गर्ग की मौत के मामले में आरोपी सिंगर अमृतप्रभा महंत फास्ट-ट्रैक कोर्ट में हुईं पेश, हाई कोर्ट से मिली है जमानत

जुबीन गर्ग की मौत के मामले में आरोपी सिंगर अमृतप्रभा महंत फास्ट-ट्रैक कोर्ट में हुईं पेश, हाईकोर्ट से मिली है जमानत

गुवाहाटी, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में आरोपी सिंगर अमृतप्रभा महंत बुधवार को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पेश हुईं। गुवाहाटी हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मंगलवार को उन्हें हाफलोंग सब-जेल से रिहा किया गया था। रिहाई के बाद उन्हें कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया था।

गुवाहाटी हाई कोर्ट ने 9 अक्टूबर को अमृतप्रभा महंत को जमानत दी थी। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर जियाउल कमर ने पत्रकारों को बताया था कि जस्टिस प्रांजल दास ने 50 हजार रुपए के बॉन्ड और उतनी ही रकम की दो जमानत राशि पर उन्हें जमानत दी। कोर्ट ने जमानत याचिका पर कई दिनों तक दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मुख्य मामले में जमानत पाने वाली अमृतप्रभा पहली आरोपी हैं। वह इस मामले के एक अन्य आरोपी और जुबीन के पूर्व बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी के साथ हाफलोंग सब-जेल में बंद थीं।

जुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में मौत हो गई थी। वह लाजरस आइलैंड के पास समुद्र में तैर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय वह नशे की हालत में थे। जुबीन नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शामिल होने के लिए सिंगापुर गए थे और वहां उन्हें परफॉर्म भी करना था। उनकी मौत की खबर से असम में शोक की लहर फैल गई थी। इसके बाद मामले की गहराई से जांच कराने की मांग उठने लगी।

सिंगापुर के स्टेट कोरोनर ने 25 मार्च को जुबीन की मौत को दुर्घटनावश डूबने का मामला बताया था। जांच में किसी साजिश या उन्हें जबरन पानी में धकेले जाने का सबूत नहीं मिला था। हालांकि, असम में लोगों की मांग और राज्य में 60 से ज्यादा एफआईआर दर्ज होने के बाद असम सरकार ने पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के तहत एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई।

एसआईटी ने जांच के सिलसिले में सिंगापुर का दौरा किया और कई गवाहों से पूछताछ की। इसके बाद दिसंबर 2025 में गुवाहाटी की एक अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। इसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया और चार पर हत्या का आरोप लगाया गया। ये आरोप अभियोजन पक्ष के हैं और इन पर अंतिम फैसला अदालत को करना है।

आरोपियों में फेस्टिवल आयोजक श्यामकानु महंत, जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, पूर्व बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी, सिंगर अमृतप्रभा महंत, असम पुलिस के अधिकारी और जुबीन के रिश्तेदार संदीपन गर्ग, साथ ही उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य शामिल हैं।

एसआईटी ने श्यामकानु महंत, सिद्धार्थ शर्मा, शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रभा महंत पर हत्या के आरोप लगाए। संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया, जबकि बोरा और बैश्य पर कथित लापरवाही और सुरक्षा की जिम्मेदारियों से जुड़े अन्य आरोप लगाए गए।

इस साल मई में स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने सभी सात आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। सभी ने खुद को निर्दोष बताया था। जुबीन गर्ग की मौत का मामला असम में लगातार चर्चा में बना हुआ है। उनके फैंस और आम लोग अब अदालत की कार्यवाही पर नजर रखे हुए हैं।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम