नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। ओमान के तट पर अमेरिका की ओर से किए गए हमलों में भारतीय नाविकों की मौत हो गई। भारत ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस ने रविवार को ओमान तट के पास ट्रंप सरकार की कार्रवाई की आलोचना की।
इसके साथ ही उन्होंने ओमान तट के पास तेल टैंकरों पर अमेरिकी नौसेना के हमले को लेकर भारत के 'कमजोर' जवाब पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर पर कहा कि वह अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो के साथ बातचीत के दौरान भारत की स्थिति को 'काफी मजबूती से' नहीं बता पाए।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए इस घटना को बहुत बुरा बताया।
उन्होंने कहा, "यह भारत की चिंताओं के प्रति गहरी असंवेदनशीलता को दिखाता है। इसमें कोई अफसोस, पछतावा या हमदर्दी नहीं है। असल में, एक साफ संदेश दिया गया है कि जो कोई भी होर्मुज में अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करेगा, उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। असल में इसका मतलब यह है कि जिस टैंकर को अमेरिका ने टक्कर मारी थी, वह कथित तौर पर अमेरिकी प्रतिबंध का उल्लंघन कर रहा था।"
उन्होंने आगे कहा, "भारत ने अमेरिकी एयरस्ट्राइक में तीन भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता जताई थी। ऐसा नहीं लगता कि अमेरिकी सरकार ने भारत की आलोचना को दर्ज किया है।"
कांग्रेस सांसद तिवारी ने कहा कि विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर को अमेरिकी सरकार के इस बुरे बर्ताव का विरोध करना चाहिए था।
इसके अलावा, अमेरिकी हमले और उसपर भारत की प्रतिक्रिया को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी आपत्ति जताई और कहा, "एस जयशंकर ने बहुत हल्के शब्दों का इस्तेमाल किया और हमारी बात को मजबूती से नहीं रखा। हमने अपने तीन नागरिकों की जान गंवाई।"
उन्होंने कहा, "इसके बाद भी एस जयशंकर की तरफ से निंदा का एक भी शब्द नहीं आया, न ही अमेरिका पर माफी मांगने का कोई दबाव था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक संदेश भी जारी नहीं किया। असल में, यह अमेरिका ही है जो हमें डांट रहा है।"
कांग्रेस नेता खेड़ा ने कहा कि 1949 के जिनेवा कन्वेंशन के अनुसार किसी भी कमर्शियल जहाज पर इस तरह से हमला नहीं किया जा सकता।
विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज शाम अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से बात की। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नेवी के हमलों पर भारत का कड़ा विरोध दोहराया, जिसमें तीन भारतीय नाविक मारे गए। कमर्शियल शिपिंग के खिलाफ ऐसी जानलेवा कार्रवाई सही नहीं है।"
इससे पहले शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के चार्ज डी'अफेयर्स (सीडीए) जेसन मीक्स को तलब किया था।
--आईएएनएस
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