आरबीआई ने बैंकों के लिए दैनिक सीआरआर रखने की सीमा को बढ़ाकर 99 प्रतिशत किया

आरबीआई ने बैंकों के लिए दैनिक सीआरआर रखने की सीमा को बढ़ाकर 99 प्रतिशत किया

मुंबई, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने बैंकों के लिए नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) के रखरखाव के नियमों को सख्त कर दिया है। इसके तहत न्यूनतम दैनिक रखरखाव की आवश्यकता मौजूदा 90 प्रतिशत से बढ़ाकर निर्धारित सीआरआर का 99 प्रतिशत कर दी गई है।

संशोधित नियम 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले रिपोर्टिंग पखवाड़े से लागू होगा। मौजूदा व्यवस्था के तहत, बैंकों को एक पखवाड़े के दौरान निर्धारित आवश्यकता के बराबर औसत दैनिक सीआरआर बैलेंस बनाए रखना होता है। हालांकि, उन्हें किसी भी दिन इस आवश्यकता का कम से कम 90 प्रतिशत बनाए रखने की छूट होती है।

नए नोटिफिकेशन के साथ, बैंकों को अब दैनिक आधार पर अपने निर्धारित सीआरआर का 99 प्रतिशत बनाए रखना होगा। इससे किसी एक दिन अपने आरक्षित बैलेंस को कम करने की उनकी क्षमता काफी घट जाएगी।

आरबीआई ने सीआरआर के समग्र अनुपात में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके बजाय, इस कदम का उद्देश्य बैंकों के दैनिक नकदी प्रबंधन को सख्त करना और आरक्षित आवश्यकताओं का अधिक निरंतर रखरखाव सुनिश्चित करना है।

संशोधित नियम का प्रभाव अलग-अलग बैंकों की नकदी स्थिति और ट्रेजरी प्रबंधन की प्रक्रियाओं के आधार पर अलग-अलग होने की उम्मीद है। जो बैंक नियमित रूप से न्यूनतम आरक्षित सीमा के करीब काम करते हैं, उन्हें अपने दैनिक नकदी प्रबंधन में बदलाव करने की जरूरत पड़ सकती है।

यह फैसला आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के 7 अक्टूबर को मौद्रिक नीति समीक्षा में दिए गए उस बयान के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वित्त वर्ष के बाकी हिस्से में प्राकृतिक रूप से नकदी घटाने वाले कारकों के कारण बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।

अगस्त और सितंबर के दौरान मजबूत पूंजी प्रवाह के बाद बैंकिंग प्रणाली में नकदी बढ़ गई थी। इसमें आरबीआई की विशेष विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक (एफसीएनआर-बी) जमा सुविधा के जरिए जुटाई गई रकम भी शामिल थी।

हालांकि, हाल के सप्ताहों में केंद्रीय बैंक की ओर से परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) नीलामी और खुले बाजार परिचालन (ओएमओ) के तहत बॉन्ड बिक्री किए जाने के साथ-साथ नकदी के अन्य बहिर्वाह के कारण अतिरिक्त नकदी में कमी आई है।

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद से नकदी समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत औसत दैनिक अतिरिक्त नकदी 5.9 लाख करोड़ रुपए रही।

नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी 3.92 लाख करोड़ रुपए थी।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह नकदी की स्थिति पर करीबी नजर रखना जारी रखेगा और जरूरत के अनुसार उपयुक्त साधनों का इस्तेमाल करेगा। इनमें वित्तीय प्रणाली में नकदी की स्थिति को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए वीआरआरआर नीलामी, डॉलर-रुपये सेल-बाय स्वैप और ओएमओ परिचालन शामिल हैं।

--आईएएनएस

एबीएस