मुंबई, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। एक्ट्रेस रसिका दुग्गल इन दिनों अपनी नई फिल्म 'लिटिल थॉमस' को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने हिंदी सिनेमा में फिल्मों के बदलते अंदाज पर बात की और कहा कि आज टेक्नोलॉजी ने फिल्ममेकर्स के लिए कई रास्ते खोल दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी सरल कहानियों की अपनी खास अहमियत है।
रसिका ने कहा, ''आज टेक्नोलॉजी ने फिल्ममेकर्स को कई तरह की रास्ते दिए हैं। ऐसे में फिल्मों में बड़े स्तर और भव्यता पर जोर देना स्वाभाविक है। लेकिन कभी-कभी इस सबके बीच हम ऐसी कहानी की खूबसूरती भूल जाते हैं, जो सरल हो, लेकिन सतही न हो।''
उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर कौशल ओझा के फिल्म बनाने के अंदाज की तारीफ करते हुए कहा कि उनका शांत और सहज तरीका उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। उनकी कहानी कहने के अंदाज में एक अलग तरह का भरोसा नजर आता है। उनकी फिल्मों को दर्शकों से जुड़ने के लिए किसी भव्य सेट या उलझी हुई कहानी की जरूरत नहीं होती।
एक्ट्रेस ने आगे कहा, ''कहानी कहने के उनके अंदाज में यह भरोसा है कि किसी फिल्म को दर्शकों से जुड़ने के लिए हमेशा भव्य माहौल या पेचीदा कहानी की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी सबसे साधारण विचार ही सबसे दिलचस्प कहानियां बन जाते हैं, क्योंकि वे जिंदगी के हमारे अपने अनुभवों और नजरिए को दिखाते हैं।''
रसिका ने कहा, ''फिल्म 'लिटिल थॉमस' में एक बच्चे की जिज्ञासा और भाई-बहन की चाहत के जरिए परिवार, बचपन, शादीशुदा जिंदगी के उतार-चढ़ाव और लिबरलाइजेशन के बाद के भारत की कहानी दिखाई गई है। फिल्म में थॉमस नाम का एक बच्चा यह जानना चाहता है कि बच्चे कहां से आते हैं। साथ ही, वह अपने लिए एक भाई या बहन भी चाहता है। उसकी यही जिज्ञासा कहानी को आगे बढ़ाती है।''
रसिका ने कहा, ''मुझे लगता है कि इन सभी बातों को एक बच्चे की नजर से देखना बेहद खूबसूरत है। यह हमें याद दिलाता है कि हमें बच्चों की जिज्ञासा को कम नहीं आंकना चाहिए और न ही उनके सवालों को नजरअंदाज करना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि हम ऐसी फिल्में बनाते रहेंगे, जो अपने विचारों की ताकत पर भरोसा करती हैं और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी साधारण कहानियों को भी अपनी जगह देती हैं।''
कौशल ओझा के निर्देशन में बनी 'लिटिल थॉमस' को अनुराग कश्यप का समर्थन मिला है। फिल्म में रसिका दुग्गल के साथ गुलशन देवैया और हृदांश पारेख भी अहम भूमिकाओं में हैं।
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