बच्चे मोबाइल छोड़ें, पेरेंट्स से करें बात: इटली के रेस्तरां ने निकाला अनोखा तरीका

Goodbye smartphones by 15 Sardinian restaurants

रोम, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। डिजीटल युग में सब व्यस्त हैं। मसरूफियत किसी काम में डूबे रहने की वजह से नहीं बल्कि लोगों की भीड़ में भी खुद में मगन रहने की। इन दिनों स्मार्टफोन इसका बड़ा कारण है। खाने की मेज पर भी अक्सर परिवार का हर सदस्य बिजी रहता है। इस पर लगाम लगाने की गर्ज से इटली के 15 रेस्तरां ने अनोखी पहल की है। सार्डिनिया द्वीप के 15 रेस्तरां अब इस आदत को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। यहां परिवारों को खाने की मेज पर फोन दूर रखने और एक-दूसरे से बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

‘अ तावोला सेंजा श्कर्मी’ यानी ‘बिना स्क्रीन के खाने की मेज’ नाम से शुरू की गई। यह पहल एक महीने तक प्रायोगिक तौर पर चलेगी। सार्डिनिया के प्रसिद्ध एल यूनियन सर्डा के मुताबिक इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरों के बीच डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक इस्तेमाल को कम करना और परिवारों में आमने-सामने बातचीत को बढ़ावा देना है। पहल की शुरुआत सार्डिनिया की बाल एवं किशोर अधिकार संरक्षक अन्ना काउ ने एफआईपीई-कॉन्फकॉमर्सियो सार्डिनिया के सहयोग से की है।

इस प्रयोग में शामिल रेस्तरां परिवारों को फोन के विकल्प के रूप में खेल, रंग भरने की सामग्री और दूसरी गतिविधियां उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ अभिभावकों को बच्चों और किशोरों के डिजिटल दुनिया से संबंध, सोशल मीडिया के इस्तेमाल तथा स्क्रीन के जरूरत से ज्यादा उपयोग से जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी भी दी जाएगी।

इस पहल की खासियत यह है कि परिवारों से केवल मोबाइल फोन दूर रखने के लिए नहीं कहा जाएगा, बल्कि उन्हें ऐसा करने का व्यावहारिक विकल्प भी दिया जाएगा। ‘किट डेल रित्रोवो’ यानी ‘फिर से जुड़ने की किट’ में बच्चों की उम्र के अनुसार खेल और गतिविधियां शामिल होंगी। इनकी मदद से बच्चे भोजन आने का इंतजार करते हुए फोन देखने के बजाय माता-पिता के साथ समय बिता सकेंगे।

आयोजकों का मानना है कि बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने की जिम्मेदारी केवल माता-पिता पर डालना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए ऐसे माहौल की जरूरत है, जहां परिवार के सभी सदस्य मिलकर इस आदत में बदलाव ला सकें।

एफआईपीई-कॉन्फकॉमर्सियो सार्डिनिया के अध्यक्ष एमानुएले फ्रोंजिया ने कहा कि रेस्तरां ऐसी जगहें हैं जहां लोग मिलते हैं, बातचीत करते हैं और साथ समय बिताते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यदि माता-पिता चाहते हैं कि बच्चे फोन का इस्तेमाल न करें, तो उन्हें खुद भी इसका उदाहरण पेश करना होगा।

इस पहल के पीछे बच्चों के बढ़ते स्क्रीन इस्तेमाल को लेकर चिंता भी है। सार्डिनिया में इतालवी बाल रोग विशेषज्ञ महासंघ के अध्यक्ष ओसामा अल जमाल ने कहा कि कई माता-पिता डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों और उनके संभावित लाभों के प्रति पर्याप्त रूप से जागरूक नहीं हैं।

उनके अनुसार, चिंता केवल इस बात की नहीं है कि बच्चे कितनी देर फोन देखते हैं, बल्कि यह भी है कि वे किस तरह की सामग्री देख रहे हैं। उन्होंने नींद की समस्याओं, सामाजिक अलगाव और आत्म-हानि जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए बच्चों के डिजिटल जीवन पर अधिक जागरूकता की जरूरत बताई।

यह प्रयोग शुरुआत में आठ रेस्तरां के साथ प्रस्तावित था, लेकिन इसमें शामिल होने के लिए अधिक प्रतिष्ठानों की इच्छा के बाद संख्या बढ़ाकर 15 कर दी गई। ये रेस्तरां कैग्लियारी, क्वार्टू सेंट'एलेना, कैपोटेरा, नुओरो, बारी सार्दो, उस्सासाई, ओरिस्तानो, अल्घेरो, ओलबिया और सांता तेरेसा गल्लूरा सहित द्वीप के अलग-अलग इलाकों में हैं।

--आईएएनएस

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