नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। फरवरी 2024 में शुरू हुई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजी:एमबीवाई) का लाभ देश के 26 लाख से अधिक परिवारों को मिल चुका है। यह जानकारी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से मंगलवार को दी गई।
मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि फरवरी 2024 में योजना के शुरू होने के बाद से देश भर में कुल 20,85,514 रूफ टॉप सिस्टम (आरटीएस) सिस्टम स्थापित किए गए हैं जिससे 26,14,446 परिवारों को लाभ हुआ है और दिसंबर 2025 तक केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) के रूप में 14,771.82 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं।
इसमें सबसे अधिक लाभ गुजरात राज्य को हुआ है, जहां 7,41,819 परिवारों को इस योजना का फायदा मिला है। 6,34,782 परिवारों के साथ महाराष्ट्र दूसरे और 3,29,847 परिवारों के साथ उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर था।
इस योजना के तहत, उपभोक्ता 85,800 रुपए तक की सब्सिडी के लिए पात्र हैं, जिससे रूफटॉप सोलर लगाना वित्तीय रूप से फायदेमंद हो जाता है, खासकर मध्यम और कम आय वर्ग वाले परिवारों के लिए।
एनर्जी एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक किलोवाट का सोलर प्लांट भी हर महीने औसतन लगभग 100 यूनिट बिजली बना सकता है, जो एक आम घर की महीने भर की बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए काफी है।
मंत्रालय ने बताया कि पीएमएसजी: एमबीवाई के अंतर्गत यह अनुमान लगाया गया है कि 1 करोड़ घरों में आरटीएस की स्थापना से 1,000 बिलियन यूनिट नवीकरणीय बिजली का उत्पादन हो सकता है जिसके परिणामस्वरूप आरटीएस प्रणाली के 25 वर्षों के जीवनकाल के दौरान 720 मिलियन टन कार्बन डायऑक्साइड (सीओ2) के बराबर उत्सर्जन में कमी आ सकती है।
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना एक मांग आधारित योजना है जिसके अंतर्गत देश के सभी आवासीय उपभोक्ता जिनके पास स्थानीय डिस्कॉम का ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके रूफटॉप सोलर (आरटीएस) सिस्टम लगाने के लिए योजना का लाभ उठा सकते हैं।
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