एनएसई ने यस सिक्योरिटीज को तीन महीने के लिए नए ग्राहक ऑनबोर्ड करने से रोका, लगाया एक लाख रुपए का जुर्माना

एनएसई ने यस सिक्योरिटीज को तीन महीने के लिए नए ग्राहक ऑनबोर्ड करने से रोका, लगाया एक लाख रुपए का जुर्माना

मुंबई, 26 मई (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने यस सिक्योरिटीज को तीन महीने के लिए नए ग्राहक ऑनबोर्ड करने से रोक दिया है, साथ ही एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसकी वजह ब्रोकरेज फर्म द्वारा अपफ्रंट मार्जिन कलेक्शन और पेनल्टी रिकवरी प्रथाओं का उल्लंघन करना था।

अपने ऑर्डर में एनएसई ने कहा कि ब्रोकरेज फर्म कई मामलों में आवश्यक अपफ्रंट मार्जिन बनाए रखने में विफल रही और बाद में क्लियरिंग कॉर्पोरेशन द्वारा लगाए गए जुर्माने को अपने ग्राहकों पर डाल दिया।

एक्सचेंज के मुताबिक, इस तरह की प्रथाओं ने उन नियामक मानदंडों का उल्लंघन किया है जो ब्रोकरों के उचित आचरण को सुनिश्चित करने और निवेशकों के हितों की रक्षा करने के लिए बनाए गए हैं।

यह कार्रवाई हाल के वर्षों में लागू किए गए सख्त जोखिम प्रबंधन नियमों के बाद स्टॉक एक्सचेंजों और बाजार नियामकों द्वारा मार्जिन अनुपालन पर कड़ी निगरानी के बीच की गई है।

अपफ्रंट मार्जिन आवश्यकताओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ब्रोकर ट्रेड करने से पहले ग्राहकों से पर्याप्त कोलेटरल राशि एकत्र कर लें, जिससे वित्तीय बाजारों में प्रणालीगत जोखिमों को कम करने में मदद मिलती है।

एनएसई ने पाया कि यस सिक्योरिटीज ने क्लियरिंग हाउस द्वारा लगाए गए मार्जिन संबंधी जुर्माने को स्वयं वहन करने के बजाय ग्राहकों पर डाल दिया।

एक्सचेंज के नियमों के तहत, ट्रेडिंग सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वे मार्जिन अनुशासन बनाए रखें और ग्राहकों पर अनुचित बोझ डाले बिना नियमों का पालन करें।

एनएसई ने यस सिक्योरिटीज को प्रभावित ग्राहकों से वसूल की गई राशि 15 दिनों के भीतर वापस करने का निर्देश दिया है।

इस बीच, एक अलग घटनाक्रम में, एनएसई ने शुक्रवार को घोषणा की कि 29 जुलाई, 2026 से दो शेयरों को डेरिवेटिव सेगमेंट से बाहर कर दिया जाएगा।

एक्साइड इंडस्ट्रीज और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट को जुलाई के अंत से फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) ट्रेडिंग से हटा दिया जाएगा।

एक्सचेंज ने स्पष्ट किया कि मई 2026, जून 2026 और जुलाई 2026 समाप्ति चक्रों के सभी मौजूदा अनुबंध अपनी-अपनी समाप्ति तिथियों तक ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध रहेंगे।

मौजूदा अनुबंध महीनों में नए स्ट्राइक मूल्य भी पेश किए जाते रहेंगे।

--आईएएनएस

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