एनएसई के सीईओ का वेतन वित्त वर्ष 2024 में 11.26 करोड़ रुपए से बढ़कर 15.88 करोड़ रुपए पहुंचा, दो साल में 41 प्रतिशत का इजाफा: डीआरएचपी

एनएसई के सीईओ का वेतन वित्त वर्ष 2024 में 11.26 करोड़ रुपए से बढ़कर 15.88 करोड़ रुपए पहुंचा, दो साल में 41 प्रतिशत का इजाफा: डीआरएचपी

मुंबई, 13 जुलाई (आईएएनएस)। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आशीष कुमार चौहान का वेतन पिछले दो वित्त वर्षों में करीब 41 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 15.88 करोड़ रुपए हो गया है। यह जानकारी एनएसई द्वारा प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास दाखिल किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में सामने आई है।

डीआरएचपी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में आशीष चौहान को 15.88 करोड़ रुपए (158.88 मिलियन रुपए) का पारिश्रमिक मिला, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 13.99 करोड़ रुपए (139.90 मिलियन रुपए) और वित्त वर्ष 2024 में 11.26 करोड़ रुपए (112.65 मिलियन रुपए) था।

दस्तावेज में यह भी बताया गया है कि बोर्ड और विभिन्न समितियों की बैठकों में भाग लेने के लिए निदेशकों को दिए जाने वाले सिटिंग फीस में भी बढ़ोतरी हुई है। पब्लिक इंटरेस्ट डायरेक्टर सुंदरराजाराव सुदर्शन को वित्त वर्ष 2026 में 42.5 लाख रुपए सिटिंग फीस मिली, जो वित्त वर्ष 2024 के 34.8 लाख रुपए की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है।

वहीं, गैर-स्वतंत्र निदेशक (नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) विनीत नायर को मिलने वाली सिटिंग फीस लगभग दोगुनी होकर वित्त वर्ष 2026 में 20.8 लाख रुपए हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह 10.5 लाख रुपए थी।

यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है, जब देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद अपने लंबे समय से प्रतीक्षित आईपीओ की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

डीआरएचपी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वित्त वर्ष 2026 के लिए घोषित पारिश्रमिक में वह आकस्मिक (कंटिंजेंट) या स्थगित (डिफर्ड) भुगतान शामिल नहीं है, जिसका भुगतान आने वाले वर्षों में किया जाएगा।

दस्तावेज के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के दौरान एनएसई के मुख्य परिचालन प्रदर्शन (कोर ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस) में नरमी देखने को मिली, क्योंकि प्रमुख बाजार क्षेत्रों में ट्रेडिंग गतिविधियां धीमी रहीं।

वित्त वर्ष 2026 में एनएसई का परिचालन राजस्व (रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस) 3 प्रतिशत से अधिक घटकर 16,601.3 करोड़ रुपए रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 17,140.67 करोड़ रुपए था।

एक्सचेंज की आय का सबसे बड़ा स्रोत ट्रांजैक्शन चार्ज भी 4 प्रतिशत घटकर 13,057.01 करोड़ रुपए रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 13,635.76 करोड़ रुपए था।

इसी तरह, क्लियरिंग और सेटलमेंट सेवाओं से होने वाली आय में भी वित्त वर्ष के दौरान उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

फाइलिंग के अनुसार, कैश और डेरिवेटिव्स दोनों बाजारों में ट्रेडिंग गतिविधियों में कमी देखने को मिली। कैश मार्केट में औसत दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम (एडीटीवी) वित्त वर्ष 2026 में 6.59 प्रतिशत घटकर 1,05,516.66 करोड़ रुपए रह गया, जबकि इक्विटी फ्यूचर्स का एडीटीवी सालाना आधार पर 14 प्रतिशत से अधिक गिर गया।

इसके अलावा, प्रीमियम वैल्यू के आधार पर मापे जाने वाले इक्विटी ऑप्शंस ट्रेडिंग में भी गिरावट दर्ज की गई।

अपने रिस्क फैक्टर्स में एनएसई ने आगाह किया है कि यदि ट्रेडिंग वॉल्यूम या लेनदेन के मूल्य में लंबे समय तक गिरावट बनी रहती है, तो इससे उसके उत्पादों और सेवाओं की मांग प्रभावित हो सकती है। इसका असर कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, भविष्य की विकास संभावनाओं और नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) पर भी पड़ सकता है।

--आईएएनएस

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