नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। घरेलू उपभोक्ताओं को कुकिंग गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत की तेल रिफाइनरियों ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का उत्पादन करीब 10 प्रतिशत बढ़ा दिया है। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि यह कदम केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद उठाया गया है।
इस फैसले के बाद कुछ संगठनों द्वारा जताई जा रही एलपीजी आपूर्ति में कमी की आशंकाओं को काफी हद तक दूर करने में मदद मिली है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने नए एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए इंतजार की अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है, जिसका उद्देश्य घरेलू गैस की आपूर्ति में गड़बड़ी और दुरुपयोग को रोकना है।
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि स्थिति पर नजर रखने और एलपीजी के सही वितरण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम लागू नहीं किया गया है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि ऊर्जा उपलब्धता के मामले में भारत कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। साथ ही सरकार लगातार कई देशों के संपर्क में है, ताकि भारत की ऊर्जा जरूरतें बिना किसी बाधा के पूरी की जा सकें।
सूत्रों के अनुसार, पहले कुछ समय के लिए आपूर्ति को लेकर चिंताएं जरूर थीं, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो चुकी है और सप्लाई चेन पहले की तरह सुचारु रूप से काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि देश भर की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं ताकि एलपीजी का उत्पादन स्थिर बना रहे और घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके।
सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और यदि भविष्य में कोई चुनौती सामने आती है, तो उससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकार ने लोगों से यह भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही एलपीजी की कमी से जुड़ी अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ संगठनों ने एलपीजी की उपलब्धता को लेकर सरकार को पत्र लिखे थे। हालांकि सरकार का मानना है कि ये पत्र तथाकथित संगठनों की ओर से लिखे गए हैं, फिर भी सरकार ने इन चिंताओं को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई की।
सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट कहा कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और ऊर्जा संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
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