गांधीनगर, 13 मार्च (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि जिन क्षेत्रों में मौजूदा शहरी गैस पाइपलाइन नेटवर्क मौजूद है, वहां स्थित रेस्तरां, होटल, शैक्षणिक संस्थान और सामाजिक-धार्मिक संगठन अब अनुरोध करने पर तुरंत नए पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे।
यह निर्णय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में राज्य में पीएनजी और पेट्रोलियम उत्पादों की स्थिति पर आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। इस बैठक में ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स मंत्री ऋषिकेश पटेल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमन सोलंकी उपस्थित थे।
अधिकारियों ने कहा, "मुख्यमंत्री ने यह मंजूरी दे दी है कि जहां शहरी गैस वितरण पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध है, वहां नए पीएनजी कनेक्शन की आवश्यकता वाले संस्थानों को तत्काल प्रभाव से गैस उपलब्ध कराई जाएगी।"
अधिकारियों ने राज्य में प्राकृतिक गैस की वर्तमान आपूर्ति की समीक्षा की और पाया कि पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर तक गैस की आपूर्ति प्राप्त करने वाले घरेलू उपयोगकर्ताओं के पास वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में पीएनजी गैस उपलब्ध है।
मुख्य सचिव एमके दास सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। दास राज्य सरकार द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय समिति का नेतृत्व भी कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित करना है।
इससे पहले दिन में, राज्य सरकार ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण एलपीजी और अन्य खाना पकाने वाली गैस की कमी के विपक्ष के दावों को खारिज कर दिया।
राज्य विधानसभा में बोलते हुए मंत्री सोलंकी ने पुष्टि की कि राज्य में वर्तमान में चार लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर मौजूद हैं। सोलंकी ने कहा, "आज की तारीख में हमारे पास 4, 16,504 एलपीजी सिलेंडर स्टॉक में हैं।"
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों को देखते हुए स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है।
बुधवार को प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने चेतावनी दी थी कि एलपीजी सिलेंडर और अन्य खाना पकाने के ईंधन की कालाबाजारी या जमाखोरी में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, "नागरिकों को अफवाहों और गलत सूचनाओं के प्रति सतर्क रहना चाहिए। सरकार इस स्थिति का फायदा उठाकर अवैध लाभ कमाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।"
--आईएएनएस
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