न्यूयॉर्क, 18 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही अमेरिका और भारत के समीकरण में बदलाव देखने को मिला। इसकी एक बड़ी वजह ट्रंप की बयानबाजी और उनके फैसलों को माना जा रहा है। एक अंतरराष्ट्रीय सर्वे के अनुसार, पिछले साल से अब तक अमेरिका को भारत में लेकर लोगों की सकारात्मक सोच में तेजी से बदलाव देखने को मिला है।
अमेरिका के प्यू रिसर्च सेंटर के इस साल के सर्वे से पता चला कि 45 फीसदी भारतीयों की अमेरिका के बारे में अच्छी राय थी, जो पिछले साल से 54 फीसदी कम है।
इस हफ्ते पब्लिश हुई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीयों में से 31 फीसदी की अमेरिका के बारे में नकारात्मक राय थी। हैरानी की बात नहीं है कि सिर्फ 18 फीसदी भारतीयों ने ट्रंप की टैरिफ नीति को सराहा।
बता दें, राष्ट्रपति के टैरिफ नियम पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। कोर्ट के रोक से पहले भारत पर 50 फीसदी तक का असर पड़ा।
वैश्विक मामलों में सही फैसले लेने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भारतीयों का भरोसा पिछले साल के 52 फीसदी से घटकर इस साल 39 फीसदी रह गया। सर्वे में 36 फीसदी भारतीयों ने कहा कि उन्हें इस साल वैश्विक मुद्दों पर ट्रंप के फैसलों पर भरोसा नहीं है।
वहीं, दुनिया के प्रमुख नेताओं में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर भारतीयों ने सबसे अधिक भरोसा जताया। सर्वे के मुताबिक, 51 फीसदी भारतीयों ने पुतिन पर विश्वास व्यक्त किया।
इसके अलावा, सर्वे में शामिल दूसरे नेताओं में 34 फीसदी भारतीयों को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भरोसा था। 33 फीसदी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर, 20 फीसदी को यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोडिमिर जेलेंस्की पर और 25 फीसदी को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर।
वहीं, 47 फीसदी भारतीयों का मानना था कि अमेरिका दूसरे देशों के मामलों में सही या बहुत ज्यादा दखल देता है और 30 फीसदी का मानना था कि ऐसा नहीं है।
सर्वे के आंकड़े 100 फीसदी नहीं होते, क्योंकि कुछ लोगों ने या तो इस विषय पर कोई राय नहीं दी या फिर सवाल का जवाब नहीं दिया।
हालांकि भारत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका को लेकर सकारात्मक राय में गिरावट दर्ज की गई, फिर भी इस साल के सर्वे में भारत का रुख 36 देशों के औसत (मीडियन) से बेहतर रहा। भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल रहा, जहां अमेरिका के प्रति अपेक्षाकृत अधिक सकारात्मक सोच देखने को मिली, खासकर चीन की तुलना में।
प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, दुनियाभर में अमेरिका को लेकर लोगों की राय पहले की तुलना में अधिक नकारात्मक हुई है। 8 फरवरी से 13 मई के बीच किए गए इस सर्वे में शामिल 36 देशों में औसतन 57 फीसदी वयस्कों ने अमेरिका के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया।
अमेरिका के बारे में सकारात्मक सोच पिछले साल के 49 फीसदी से घटकर 37 फीसदी रह गई, हालांकि इसमें सिर्फ 24 देश शामिल थे।
सर्वे किए गए देशों में से, 76 फीसदी को ट्रंप पर भरोसा नहीं था कि वे दुनिया के लिए सही काम करेंगे और सिर्फ 23 फीसदी को उन पर भरोसा था।
सर्वे में शामिल दूसरे मुद्दों पर, भारतीयों में ट्रंप की नीति के लिए अप्रूवल रेट 32 फीसदी था, इमिग्रेशन के लिए 17, ईरान के लिए 28, यूक्रेन के लिए 26, गाजा के लिए 18 और ग्रीनलैंड के लिए 23 फीसदी रहा।
54 फीसदी भारतीयों ने कहा कि अमेरिकी सरकार व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान करती है। पाकिस्तान में सर्वे में शामिल 82 फीसदी लोगों की उनके बारे में नकारात्मक राय थी। सर्वे किए गए देशों में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा था और सिर्फ 12 फीसदी लोगों ने उन्हें सकारात्मक बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने दूसरे कार्यकाल में पाकिस्तान को बहुत तरजीह दी है, हालांकि इसके बावजूद भी ट्रंप को लेकर इस सर्वे का परिमाण उस स्तर का नहीं दिखा।
अमेरिका को लेकर पाकिस्तान के 81 प्रतिशत लोगों की राय नकारात्मक रही, जबकि 76 प्रतिशत लोगों का मानना है कि अमेरिका अन्य देशों के मामलों में काफी हद तक दखल देता है।
सर्वे में शामिल देशों में चीन को पाकिस्तान में सबसे अधिक सकारात्मक रेटिंग मिली। चीन के प्रति 90 प्रतिशत पाकिस्तानियों ने अनुकूल राय व्यक्त की।
सर्वे में शामिल देशों में चीन के बारे में सकारात्मक सोच रखने वालों का अनुपात पिछले साल के 38 फीसदी से बढ़कर इस साल 46 फीसदी पर पहुंचा, जबकि अमेरिका के लिए यह 48 से घटकर 36 फीसदी हो गया है।
भारत में चीन के बारे में अच्छी राय पिछले साल के 21 फीसदी से थोड़ी बढ़कर इस साल 23 फीसदी हो गई।
--आईएएनएस
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