कोलकाता, 4 नवंबर (आईएएनएस)। कोलकाता स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को बताया कि चक्रवात 'मुरासु' का असर काफी कम हो गया है, जिससे गुरुवार से पूरे पश्चिम बंगाल में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।
पूर्वी क्षेत्र के निदेशक हबीबुर रहमान बिस्वास ने बताया कि कमजोर पड़ने के बाद चक्रवात 'मुरासु' अब एक निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। इस सिस्टम का राज्य पर कोई सीधा असर नहीं पड़ा, लेकिन बुधवार सुबह कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में बारिश हुई। हालांकि, गुरुवार से पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहेगा। काली पूजा (8 नवंबर) तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।
मौसम विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि 9 नवंबर से फिर से हल्की बारिश हो सकती है, जिसके बाद 12 नवंबर के आसपास मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा। इस दौरान तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की भी उम्मीद है, खासकर उन जिलों में जहां पारा पहले से ही कोलकाता की तुलना में कम है। तापमान में इस गिरावट के बावजूद, मौसम विभाग ने अभी तक राज्य में सर्दियों की शुरुआत होने का कोई संकेत नहीं दिया है।
उत्तर बंगाल में भी मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है और रविवार तक वहां के आठ जिलों में किसी खास बारिश का अनुमान नहीं है।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस सीजन में लगातार आए चक्रवातों ने 2013 की यादें ताजा कर दी हैं, जब कुछ ही हफ्तों के भीतर बंगाल की खाड़ी में तीन चक्रवात हेलेन, लहर और माडी बने थे। हाल ही में एक के बाद एक आए चक्रवातों, अर्नब और मुरासु, के प्रभाव की तुलना उसी असामान्य दौर से की जा रही है।
हालांकि, चक्रवात 'मुरासु' ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है।
मंगलवार को कोलकाता में अधिकतम तापमान 31.04 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 26.04 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसमी औसत से चार डिग्री से अधिक था। हवा में नमी का स्तर 62 से 96 प्रतिशत के बीच रहा।
--आईएएनएस
डीकेएम/एबीएम