नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि भारत ने 4जी में दुनिया को फॉलो किया, 5जी में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ा और अब 6जी में दुनिया का नेतृत्व करेगा।
लोकसभा में सवालों का जवाब देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने भारत के तेजी से बदलते डिजिटल इकोसिस्टम और भविष्य के रोडमैप के बारे में बताया।
भारत ने दुनिया में सबसे तेज गति से 5जी लॉन्च किया है। केवल 22 महीनों के भीतर, देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में 5जी सेवाएं लॉन्च की गई हैं, जिसने एक वैश्विक बेंचमार्क स्थापित किया है।
उन्होंने कहा, “दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने इस विस्तार के लिए लगभग 4 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है, जिसमें देश भर में 5 लाख से अधिक बीटीएस (बेस ट्रांसीवर स्टेशन) स्थापित किए गए हैं।”
उन्होंने कहा, वर्तमान में, 40 करोड़ नागरिक 5जी सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं और 2030 तक यह संख्या बढ़कर 1 अरब होने की उम्मीद है।
अंतिम मील तक डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए, सिंधिया ने कहा कि वाई-फाई नेटवर्क का विस्तार ग्रामीण भारत में एक नई क्रांति की शुरुआत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वाई-फाई हॉटस्पॉट की तैनाती के मामले में महाराष्ट्र देश के शीर्ष राज्यों में से एक है। केंद्रीय मंत्री कहा कि भारत में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी एक दशक पहले के 6 करोड़ कनेक्शन से बढ़कर आज 1 अरब हो गई है।
2030 तक सरकार का लक्ष्य इस डिजिटल बुनियादी ढांचे को और मजबूत और गहरा करना है।
संचार मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत अब प्रौद्योगिकी का अनुयायी नहीं है, बल्कि एक वैश्विक डिजिटल नेता के रूप में उभरा है।"
उन्होंने कहा कि क्रांति अब महानगरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश भर के गांवों तक पहुंच रही है, नागरिकों के जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और आजीविका को नया आकार दे रही है।
इसके अतिरिक्त, सरकार ने कहा कि भारत ने अपने वैश्विक 'नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025' (एनआरआई 2025) की स्थिति में चार स्लॉट का सुधार किया है और अब वह 45वें स्थान पर है।
संचार मंत्रालय ने कहा, "भारत ने न केवल अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, बल्कि अपना स्कोर भी 2024 में 100 में से 53.63 से बढ़ाकर 2025 में 100 में से 54.43 कर लिया है। साथ ही, भारत कई संकेतकों में अग्रणी है।"
--आईएएनएस
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