जींद, 8 सितंबर (आईएएनएस)। स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे कारोबारियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत जींद नगर परिषद में जागरूकता कैंप आयोजित किया गया। कैंप में रेहड़ी-पटरी लगाने वाले और छोटे व्यवसाय से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से बिना किसी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपने छोटे कारोबार को आगे बढ़ा सकें। इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपए, दूसरी किस्त में 25 हजार रुपए और तीसरी किस्त के तौर पर 50 हजार रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया। समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को आगे अधिक राशि का ऋण लेने का अवसर मिलता है।
जींद के जिला नगर आयुक्त अनिल दुहन ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 1 सितंबर से 30 सितंबर तक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिले की पांचों शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में कैंप लगाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स योजना का लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि पहली किस्त 15 हजार रुपए की होती है, जिसे एक साल में वापस करना होता है। समय पर भुगतान करने पर लाभार्थी अगली 25 हजार रुपए की किस्त के लिए पात्र हो सकता है, जिसकी वापसी अवधि करीब डेढ़ साल है। इसके बाद 50 हजार रुपए तक की तीसरी किस्त मिल सकती है, जिसे तीन साल में चुकाने का प्रावधान है।
अनिल दुहन ने कहा कि सरकार की ओर से आगे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी दी गई है। पात्र लाभार्थियों को 30 हजार रुपए तक अतिरिक्त क्रेडिट उपलब्ध होने से कुल क्रेडिट सुविधा करीब 80 हजार रुपए तक पहुंच सकती है। साथ ही, योजना में ब्याज पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। केंद्र सरकार 7 प्रतिशत और हरियाणा सरकार 2 प्रतिशत की सब्सिडी देती है। इस तरह लाभार्थी को कुल 9 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है।
उन्होंने बताया कि बाजार से निजी तौर पर कर्ज लेने वाले छोटे कारोबारी अक्सर अधिक ब्याज दर के बोझ में फंस जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश की है। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई लेनदेन पर कैशबैक का प्रावधान भी है। यदि लाभार्थी निर्धारित संख्या में यूपीआई लेनदेन करता है तो उसे सालाना करीब 1,200 से 1,600 रुपए तक कैशबैक मिल जाती है। ब्याज सब्सिडी और कैशबैक को मिलाकर ऋण का प्रभावी बोझ काफी कम हो सकता है।
योजना के लाभार्थी मोहित ने बताया कि उन्हें शुरुआत में 15 हजार रुपए का ऋण मिला था। उन्होंने इस राशि से फल की रेहड़ी का काम शुरू किया। कारोबार बेहतर चलने के बाद उन्होंने दूसरी बार 25 हजार रुपए का ऋण लिया और अपने काम का विस्तार किया। अब उन्हें 50 हजार रुपए की तीसरी किस्त मिली है और इसकी मदद से उन्होंने छोटी दुकान का सेटअप तैयार किया है। योजना के माध्यम से कारोबार बढ़ाने में मदद मिली और इससे उनके परिवार का भरण-पोषण बेहतर तरीके से हो पा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार का आभार जताया।
मोहित ने यह भी बताया कि योजना के तहत क्रेडिट कार्ड के अलावा जागरूकता कैंप के माध्यम से स्वच्छता, बीमा और अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है। उन्होंने जीवन ज्योति बीमा और जीवन सुरक्षा बीमा जैसी योजनाओं का लाभ मिलने की भी बात कही।
एक अन्य लाभार्थी नैनू ने बताया कि उन्हें सब्जी की रेहड़ी लगाने के लिए 15 हजार रुपए का ऋण मिला। ऋण मिलने से उनके काम को आगे बढ़ाने में मदद मिली और बैंक के माध्यम से आसानी से आर्थिक सहायता उपलब्ध हुई। समय पर ऋण चुकाने पर आगे अधिक राशि का ऋण मिलने की जानकारी उन्हें दी गई है। उन्होंने योजना को गरीब और छोटे कारोबारियों के लिए उपयोगी बताते हुए सरकार का धन्यवाद किया।
--आईएएनएस
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