'हनुमान अंश' पर बाबा नीम करौली के गांव में खुशी का माहौल, परिजन बोले- 'फिल्म में दिखाई गई लीलाएं बाबा की ही कृपा हैं'

'हनुमान अंश' पर बाबा नीम करोरी के गांव में खुशी का माहौल, परिजन बोले- 'फिल्म में दिखाई गई लीलाएं बाबा की ही कृपा हैं'

मुंबई, 6 सितंबर (आईएएनएस)। बाबा नीम करौली के जीवन पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' को लेकर अब उनके गांव अकबरपुर में भी खुशी का माहौल है। फिल्म को लेकर बाबा के परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी है। आईएएनएस से बातचीत में बाबा के परिजनों और भक्तों ने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा कि बाबा पर हनुमान जी की विशेष कृपा थी और फिल्म में उनके जीवन से जुड़ी जिन घटनाओं और लीलाओं को दिखाया गया है, वे पूरी तरह सत्य हैं।

बाबा नीम करौली के दामाद जगदीश प्रसाद भटेले ने फिल्म को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा, ''मैंने बाबा के चमत्कार अपनी आंखों से नहीं देखे, लेकिन बाबा हनुमान जी के बहुत बड़े भक्त थे और उन पर हनुमान जी की कृपा थी। उन पर बनाई गई फिल्म 'हनुमान अंश' शानदार है।''

वहीं, बाबा के एक भक्त ने कहा, ''मेरी बाबा नीम करौली में गहरी आस्था है और मैं पिछले चार साल से लगातार यहां मंदिर आ रहा हूं। मैंने अपनी बेटी के साथ 'हनुमान अंश' फिल्म देखी, जो हम दोनों को बेहद पसंद आई। मैं मानता हूं कि फिल्म में बाबा के जीवन से जुड़ी जो घटनाएं दिखाई गई हैं, वह वास्तविक हैं। मुझे नहीं लगता कि फिल्म में कुछ भी मनगढ़ंत दिखाया होगा।''

बाबा के एक भतीजे ने भी फिल्म को लेकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, ''बाबा रिश्ते में मेरे ताऊ लगते थे और हम दोनों एक ही खानदान से थे। बाबा पर हनुमान जी की सिद्धि थी और फिल्म में दिखाई गई उनकी लीलाएं सत्य पर आधारित हैं। उन्होंने गांव में प्रधान की जिम्मेदारी भी संभाली थी। बाबा पर फिल्म बनने के बाद गांव के मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या बढ़ी है। आसपास के लोगों में बाबा को लेकर पहले से ही गहरी श्रद्धा रही है और अब फिल्म के बाद उनके बारे में जानने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। बाबा ने अपने गांव का नाम रोशन किया है।''

बाबा के परिवार से जुड़े एक अन्य सदस्य ने कहा, ''मैं बचपन में बाबा के साथ पढ़ता था। उस समय हमारी उम्र काफी कम थी, इसलिए मुझे बाबा से जुड़ी बातें साफ-साफ याद नहीं हैं। मैं फिल्म 'हनुमान अंश' का हिस्सा बना हूं, हालांकि फिल्म में मेरी झलक बहुत छोटी है। बाबा पर हनुमान जी की विशेष सिद्धि थी। हमारे यह फिल्म एक खास अनुभव है।''

अकबरपुर के एक ग्रामीण युवक ने बताया, ''बाबा हमारे गांव के प्रधान रह चुके हैं और उनका बचपन भी इसी गांव में बीता था। फिल्म में बाबा के जीवन से जुड़ी कई कहानियों और लीलाओं को दिखाया गया है। यह फिल्म बेहतरीन है।''

वहीं, एक अन्य ग्रामीण ने कहा, ''मैंने बाबा को बचपन में देखा था। उस समय मेरी उम्र करीब छह या सात साल रही होगी। उन्होंने गांव की प्रधानी की जिम्मेदारी संभाली थी और पूजा-पाठ भी किया करते थे।''

बता दें कि 'हनुमान अंश' बाबा नीम करौली के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित फिल्म है। कहानी में दिखाया जाता है कि 12 साल के लक्ष्मी नारायण (नीम करौली बाबा) की मां की अचानक मौत हो जाती है, जिससे वह पूरी तरह टूट जाता है। इसके बाद लक्ष्मी नारायण इस उम्मीद में अपना घर छोड़ देता है कि अगर वह भगवान को खोज लेगा तो शायद अपनी मां से दोबारा मिल सकेगा। इसके बाद उसकी तलाश उसे मंदिरों, जंगलों, नदियों और गांवों तक ले जाती है। धीरे-धीरे उसकी यह तलाश जीवन आध्यात्मिक रास्ते की ओर बढ़ने लगती है।

आगे चलकर लक्ष्मी नारायण मोह-माया त्यागकर देते है। भूखों को खाना खिलाना, जरूरतमंदों की मदद करना, बिना किसी भेदभाव के लोगों से प्रेम करना और दूसरों के प्रति करुणा रखना उनके जीवन का हिस्सा बन जाता है। फिल्म में बाबा से जुड़े कई चर्चित प्रसंगों और आध्यात्मिक अनुभवों को भी कहानी में शामिल किया गया है।

'हनुमान अंश' का लेखन, निर्देशन और निर्माण विशाल चतुर्वेदी ने किया है। फिल्म में बाबा की भूमिका शोभिनव सत्या ने निभाई है।

'हनुमान अंश' 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।

--आईएएनएस

पीके/एएस