एवरेस्ट पर ‘वंदे मातरम’, बीएसएफ की महिला टीम ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी की फतह

एवरेस्ट पर ‘वंदे मातरम’, बीएसएफ की महिला टीम ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतह की

नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। सीमा सुरक्षा बल ने अपने डायमंड जुबली वर्ष के मौके पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। बीएसएफ की पहली ऑल-वूमेन माउंट एवरेस्ट अभियान टीम ने 'मिशन वंदे मातरम' के तहत दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) फतह कर ली है।

बीएसएफ ने बताया कि यह अभियान भारत के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ और बीएसएफ के डायमंड जुबली समारोह के तहत आयोजित किया गया। इस महिला पर्वतारोहण दल में लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की कांस्टेबल मुनमुन घोष, उत्तराखंड की कांस्टेबल रेबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल त्सेरिंग चोराट शामिल थीं।

बीएसएफ के अनुसार, अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाली इन महिला पर्वतारोहियों ने भारत की 'एकता में विविधता' की भावना को प्रदर्शित करते हुए कठिन परिस्थितियों में साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।

माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार ने रेडियो लिंक के जरिए टीम से बातचीत की और उन्हें पूरे बल तथा देश की ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अभियान बीएसएफ जवानों की अदम्य भावना, पेशेवर क्षमता और समर्पण का प्रतीक है।

बीएसएफ ने कहा कि इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के महिला सशक्तीकरण संबंधी संदेशों से प्रेरणा मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार कहा है कि भारत की बेटियां अंतरिक्ष से लेकर खेल और युद्धभूमि तक नई ऊंचाइयां छू रही हैं। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा है कि महिलाओं को सशक्त बनाना पूरे राष्ट्र को मजबूत बनाना है।

बीएसएफ के अनुसार, यह उपलब्धि बल और देश दोनों के लिए ऐतिहासिक क्षण है। पहली बार बीएसएफ की महिला पर्वतारोहियों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी से 'वंदे मातरम' गाकर देश का गौरव बढ़ाया।

इस मिशन को 6 अप्रैल को नई दिल्ली से बीएसएफ महानिदेशक प्रवीण कुमार ने रवाना किया था। बीएसएफ ने यह भी बताया कि अभियान के अगले चरण में बल की पुरुष पर्वतारोहण टीम अगले दो-तीन दिनों में माउंट ल्होत्से (8516 मीटर) फतह करने का प्रयास करेगी।

'क्लीन हिमालय, क्लीन ग्लेशियर' अभियान के तहत बीएसएफ की टीम एवरेस्ट के ऊंचे कैंपों से 500 किलोग्राम कचरा इकट्ठा कर उसे नामचे बाजार तक पहुंचाएगी, ताकि उसका सही तरीके से निपटान किया जा सके।

बीएसएफ ने बताया कि इससे पहले भी उसके जवान 50 प्रमुख चोटियों पर सफल अभियान चला चुके हैं, जिनमें 2006 और 2018 के माउंट एवरेस्ट अभियान शामिल हैं।

बीएसएफ ने कहा कि 'मिशन वंदे मातरम' महिला सशक्तीकरण, एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह अभियान 'वंदे मातरम' की उस विरासत को भी सम्मान देता है, जिसने पीढ़ियों से देशभक्ति की भावना को प्रेरित किया है।

--आईएएनएस

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