नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। वेनेजुएला में धरती डोली और अपने साथ बर्बादी लेकर आई। एक झटके में कई इमारतों को जमींदोज कर दिया। वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप ने एक बार फिर दुनिया को याद दिलाया कि प्रकृति के सामने इंसान कितना असहाय है। हालांकि ये भूकंप वेनेजुएला के इतिहास के सबसे बड़े झटकों में शामिल हैं, लेकिन दुनिया में अब तक दर्ज किए गए सबसे शक्तिशाली भूकंपों की सूची में इनकी जगह नहीं बन पाई है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) की आधिकारिक साइट पर दिए गए आंकड़ों के अनुसार, दुनिया का सबसे शक्तिशाली दर्ज भूकंप वर्ष 1960 में चिली के बायोबियो क्षेत्र में आया था। इस भूकंप की तीव्रता 9.5 मापी गई थी। इसे “ग्रेट चिली भूकंप” के नाम से जाना जाता है। इस विनाशकारी भूकंप में करीब 1,655 लोगों की मौत हुई थी और बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी।
इस सूची में दूसरा बड़ा नाम वर्ष 1964 के अलास्का भूकंप का है, जिसकी तीव्रता 9.2 थी। यह भूकंप करीब चार मिनट तक महसूस किया गया था और इससे अलास्का सहित आसपास के इलाकों में भारी नुकसान हुआ। इस आपदा में लगभग 130 लोगों की जान गई थी।
वर्ष 2004 में इंडोनेशिया के सुमात्रा क्षेत्र में आया 9.1 तीव्रता का भूकंप दुनिया की सबसे दर्दनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक बन गया। समुद्र के भीतर आए इस भूकंप ने विनाशकारी सुनामी को जन्म दिया, जिसने भारत सहित कई देशों के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई। इस आपदा में 2.8 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई।
वर्ष 2011 में जापान के तोहोकू क्षेत्र में आए 9.1 तीव्रता के भूकंप ने आधुनिक दुनिया को झकझोर दिया। इस भूकंप के बाद आई सुनामी ने जापान के कई हिस्सों को प्रभावित किया और 15,000 से अधिक लोगों की जान चली गई।
रूस के कामचटका क्षेत्र में भी दो बड़े भूकंप दर्ज किए गए। इनमें 100 साल का अंतर था। वर्ष 1952 में आए भूकंप की तीव्रता 9.0 थी, जिसमें करीब 15,000 लोगों की मौत हुई। वहीं, वर्ष 2025 में इसी क्षेत्र में आए 8.8 तीव्रता के भूकंप में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं थी।
भारत का नाम भी इस फेहरिस्त में शुमार है। आजादी के महज तीन साल बाद, वर्ष 1950 में अरुणाचल प्रदेश में आए 8.6 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। इसमें करीब 780 लोगों की मौत हुई थी।
इसके अलावा, 1906 में इक्वाडोर के एस्मेराल्डास क्षेत्र में 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें करीब 1,500 लोगों की जान गई। वर्ष 2010 में चिली के बायोबियो क्षेत्र में आए 8.8 तीव्रता के भूकंप में 523 लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 1965 में अमेरिका के अलास्का में 8.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई थी।
--आईएएनएस
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