गांधीनगर, 6 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने राज्य पुलिस के 'ऑपरेशन मिलाप' की प्रशंसा की है। लगातार जांच, अलग-अलग राज्यों के बीच समन्वय और अटूट प्रतिबद्धता के साथ गुजरात पुलिस ने कर्नाटक से एक लापता नाबालिग को बचाया और उसे उसके परिवार से मिलाया।
गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जब बात न्याय और इंसानियत की हो, तो दूरी कभी कोई रुकावट नहीं बनती।" उन्होंने यह टिप्पणी गुजरात पुलिस के सोशल मीडिया पोस्ट पर जवाब के रूप में की।
इससे पहले, गुजरात पुलिस ने पोस्ट किया, "1,200 किलोमीटर। एक मिशन। एक परिवार का मिलन। लगातार जांच, अलग-अलग राज्यों के बीच समन्वय और अटूट प्रतिबद्धता के साथ गुजरात पुलिस ने कर्नाटक से एक लापता नाबालिग को बचाया और उसे उसके परिवार से मिलाया।"
गुजरात पुलिस के अनुसार, 18 दिसंबर को वडोदरा के छानी इलाके से एक 14 साल की लड़की लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद जब लड़की नहीं मिली तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शुरुआत में इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस ने की और बाद में इसे वडोदरा एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) को सौंप दिया गया।
पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करके लगभग 1,200 किलोमीटर दूर कर्नाटक के शिवमोगा में एक आरोपी का पता लगाया। इसके बाद वडोदरा एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की पांच सदस्यीय टीम कर्नाटक पहुंची और दो दिन तक नजर रखने के बाद स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कर्नाटक पहुंचकर एक नई पहचान अपना ली थी और शिवमोगा में एक जैन मंदिर में पुजारी के तौर पर काम करने लगा था। उसने लड़की को अपनी पत्नी बताकर मंदिर में रखा हुआ था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने लड़की के ठिकाने के बारे में पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने लड़की को बचाया और उसे उसके परिवार से मिलाया।
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