पूर्व इसरो अध्यक्ष के राधाकृष्णन: 'मॉम' को मंगल पे पहुंचाया, वैज्ञानिक जो कथकली और शास्त्रीय गायकी में भी बेमिसाल
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। 5 नवंबर 2013 को भारत ने 'मॉम' का मर्म समझाया। पहली बार में ही मार्स ऑर्बिटर मिशन को सफलता से मंगल की कक्षा में स्थापित करा दिया। ये शानदार उपलब्धि इसरो अध्यक्ष डॉ. कोप्पिलिल राधाकृष्णन की अगुवाई में संपन्न हुई। अभूतपूर्व पल था। मां भारती का मस्तक गर्व से ऊंचा करने वाले इस साइंटिस्ट का 29 अगस्त को जन्मदिन है। देश को गौरवान्वित करने वाले राधाकृष्णन के लिए क्या ये सब आसान रहा, उनकी इस उपलब्धि को पत्नी पद्मिनी के अलावा और किसने संभव बनाने में मदद की? आइए जानते हैं...