वर्ष 2029 तक एआई से निकाले गए निष्कर्ष बनेंगे निजता के लिए सबसे बड़ा खतरा, डेटा चोरी से भी अधिक बढ़ेगा जोखिम: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। वर्ष 2029 तक अधिकांश निजता (प्राइवेसी) से जुड़ी घटनाएं सीधे व्यक्तिगत पहचान योग्य जानकारी (पीआईआई) की चोरी या लीक होने के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा लोगों के बारे में निकाले गए निष्कर्षों (एआई-जेनरेटेड इन्फ्रेंसेज) के कारण होंगी। यह जानकारी रिसर्च एवं एडवाइजरी फर्म गार्टनर की एक नई रिपोर्ट में सामने आई है।