केंद्र ने 'आतंकवादी कृत्य' की परिभाषा का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा
नई दिल्ली, 13 दिसंबर (आईएएनएस)। केंद्र ने औपनिवेशिक युग के भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह लेने के लिए संसद में पेश भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता विधेयक, 2023 में संशोधिन किया है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 12 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया था। संशोधन में "आतंकवादी कृत्य" की परिभाषा का विस्तार करते हुए देश की "आर्थिक सुरक्षा" और "मौद्रिक स्थिरता" के खतरों को इसके दायरे में लाने का प्रस्ताव किया गया है।