पुण्यतिथि विशेष: एक अनाथ और शरणार्थी के रूप में भारत आए मिल्खा सिंह के 'फ्लाइंग सिख' बनने की कहानी
नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। इंसान की परिस्थिति चाहे कितनी भी विषम हो। दृढ़ इच्छाशक्ति, कठोर परिश्रम के दम पर वह किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकता है। यह वाक्य मिल्खा सिंह ने सिर्फ कहे नहीं बल्कि अपनी चरितार्थ भी किया। विभाजन के समय पाकिस्तान से एक शरणार्थी के रूप में भारत आए मिल्खा सिंह ने अभावों के बीच एथलेटिक्स (दौड़) में जो सफलता हासिल की, उसने उन्हें देश का रोल मॉडल बना दिया।